facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भारतीय बाजार के सीमित दायरे में रहने के आसार

Advertisement
Last Updated- April 28, 2023 | 9:21 PM IST
stock market

विश्लेषकों का मानना है कि वै​श्विक चुनौतियों के बीच अल्पाव​धि में भारतीय बाजारों की चाल सीमित दायरे में रहने का अनुमान है। उनका मानना है कि बढ़ती ब्याज दरों, कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती, और भूराजनीतिक चिंताएं ताजा गिरावट की परवाह किए बगैर धारणा को नियंत्रित बनाए रखेंगी। हाल में आई गिरावट ने मूल्यांकन कुछ हद तक उपयुक्त बना दिया है।

क्रेडिट सुइस वेल्थ मैनेजमेंट इंडिया में वै​श्विक निवेश प्रबंधन के निदेशक जितेंद्र गोहिल ने प्रेमल कामदार के साथ मिलकर तैयार की गई एक रिपोर्ट में लिखा है, ‘भारतीय इ​क्विटी बाजार में झागदार मूल्यांकन हाल में रेटिंग गिरावट के बाद कमजोर पड़ा है। हालांकि वै​श्विक अनि​श्चितताएं ऊंची बनी हुई हैं, लेकिन भारतीय इ​क्विटी बाजार अल्पाव​धि में सीमित दायरे में बने रह सकते हैं। हमें 2023 की दूसरी छमाही में अच्छे सुधार की उम्मीद है, क्योंकि प्रमुख केंद्रीय बैंक वै​श्विक वृद्धि परिदृश्य पर दबाव के बीच अपने दर वृद्धि चक्र को समाप्त कर सकते हैं।’

गोहिल और कामदार ने लिखा है कि किसी तरह की बड़ी गिरावट खरीदारी का अच्छा अवसर प्रदान कर सकती है, क्योंकि भारत का मध्याव​धि परिदृश्य मजबूत बना हुआ है। ज्यूरिख में मुख्यालय वाले निवेश बैंक एवं वित्तीय सेवा कंपनी ने निवेश रणनीति के तौर पर निवेशकों को उन क्षेत्रों पर दांव लगाने का सुझाव दिया है ​जो ज्यादा घरेलू निवेश से जुड़े हुए हैं, क्योंकि वै​श्विक परिदृश्य प्रतिकूल बना हुआ है। 1 दिसंबर, 2022 के 63,583.07 के अपने 52 सप्ताह के ऊंचे स्तरों से सेंसेक्स वै​श्विक और घरेलू चिंताओं के बीच अब करीब 5.5 प्रतिशत गिरकर 60,100 के स्तर पर आ गया है।

Also read: HDFC और HDFC Bank के मर्जर से सेंसेक्स में शामिल हो सकती है अदाणी एंटरप्राइजेज

एनएसई का निफ्टी-50 भी अपने 18,887.6 की 52 सप्ताह की ऊंचाई से करीब 6.3 प्रतिशत फिसला है। क्रेडिट सुइस वेल्थ मैनेजमेंट के अनुसार, निफ्टी का 12 महीने का पीई मूल्यांकन (17.8 गुना) उसके 10 वर्ष के नजदीक है, जबकि उसका मूल्यांकन प्रीमियम वै​श्विक प्रतिस्प​र्धियों के मुकाबले घटा है। एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स/वर्ल्ड के मुकाबले मॉर्गन स्टैनली कैपिटल इंटरनैशनल इंडिया (एमएससीआई) का प्रीमियम अब 57 प्रतिशत/15 प्रतिशत पर है।

हालांकि यूबीएस के विश्लेषक भारतीय इ​क्विटी पर ‘अंडरवेट’ बने हुए हैं और उन्होंने दिसंबर 2023 के अंत तक निफ्टी-50 सूचकांक के लिए 18,000 का लक्ष्य रखा है, जो मौजूदा स्तरों से महज 1.3 प्रतिशत की तेजी का संकेत है। रणनीति के तौर पर वे बैंकिंग, कंज्यूमर स्टैपल्स, ऑटोमोटिव को पसंद कर रहे हैं और आईटी, सेवा, धातु एवं खनन, तथा कंज्यूमर डिस्क्रेशनरी क्षेत्रों पर अंडरवेट बने हुए हैं।

Also read: प्राइवेट इ​क्विटी ने मार्च तिमाही में NSE की होल्डिंग घटाई

यूबीएस सिक्योरिटीज इंडिया में रणनीतिकार सुनील तिरुमलाई ने एक ताजा रिपोर्ट में कहा है, ‘भारत महंगा बना हुआ है। घरेलू प्रवाह घटने और बैंक साव​धि जमा दरें बढ़ने से हमें मूल्यांकन सामान्य होने का अनुमान है। हम बाजारों में घरेलू पूंजी में कमजोरी आने का स्पष्ट संकेत देख रहे हैं। बाजार में खुदरा प्रत्यक्ष प्रवाह नकारात्मक हो गया है, जबकि म्युचुअल फडों में भी प्रवाह लगातार घट रहा है।’

प्रभुदास लीलाधर के शोध प्रमुख अमनीश अग्रवाल का मानना है कि उन्हें अप्रैल 2024 तक निफ्टी-50 सूचकांक 20,551 (शुरू में 20,801 पर पहुंचने का अनुमान जताया गया था) पर पहुंचने की उम्मीद है।

Advertisement
First Published - April 27, 2023 | 8:00 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement