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नई गिरवी प्रणाली की समय सीमा बढ़ाई

Last Updated- December 11, 2022 | 5:52 PM IST

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी (सेबी) ने डीमैट डेबिट ऐंड प्लेजिंग इंस्ट्रक्शन (डीडीपीआई) व्यवस्था के क्रियान्वयन की समय-सीमा बढ़ाकर 1 सितंबर, 2022 कर दी है। शुरू में यह समय-सीमा 1 जुलाई थी। हालांकि नई प्रणाली के लिए तैयारी में जुटीं डिपोजिटरी कंपनियों ने बाजार नियामक से इस समय-सीमा को आगे बढ़ाए जाने को कहा था, क्योंकि व्यवस्था में बदलाव अभी भी किए जा रहे हैं।
नई डीडीपीआई प्रणाली ब्रोकरों द्वारा ग्राहक प्रतिभूतियों के गलत इस्तेमाल से रोकने के लिए है। यह पहले की पावर ऑफ अटॉर्नी (पीओए) व्यवस्था को समाप्त करेगी, जिसमें गलत इस्तेमाल की आशंकाएं थीं। नई प्रणाली शेयरों ब्रोकरों को डीमैट खाते में अपने ग्राहकों के लिए शेयर निकलने और गिरवी के संदर्भ में उनकी मंजूरी लेने के संबंध में अधिक सक्षम व्यवस्था है।
जीरोधा के प्रमुख (आईपीओ) मोहिता मेहरा का कहना है कि 1 सितंबर से शेयर ब्रोकर ऑन-मार्केट ट्रांजेक्शन के निपटान और मार्जिन के लिए गिरवी के संदर्भ में ग्राहकों से मंजूरी स्वीकार करने के लिए पीओए इस्तेमाल करने में सक्षम नहीं होंगे।

First Published - July 2, 2022 | 2:14 AM IST

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