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फेड के कदम से टूटे बाजार

Last Updated- December 11, 2022 | 3:15 PM IST

फेडरल रिजर्व द्वारा 75 आधार अंक की दर वृद्धि किए जाने के बाद घरेलू बाजारों में अनिश्चितता पैदा हो गई। दिन के उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में सेंसेक्स 624 अंक गिर गया था और कुछ ही देर पूर्व बंद भाव के मुकाबले सपाट स्थिति में बना रहा। सूचकांक आखिर में 337 अंक या 0.6 प्रतिशत की गिरावट के साथ 59,120 पर बंद हुआ और इस तरह से उसमें दो दिन का नुकसान (बंद भाव के स्तर पर) बढ़कर 600 अंक हो गया। 
 घरेलू बाजारों में गिरावट कई वैश्विक प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले कम थी। निफ्टी-50 सूचकांक 89 अंक, या 0.5 प्रतिशत की गिरावट के साथ आखिर में 17,630 पर बंद हुआ। इंडिया वीआईएक्स सूचकांक 2.6 प्रतिशत चढ़कर 18.82 पर बंद हुआ।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा यह लगातार तीसरी बार 75 आधार अंक की दर वृद्धि थी, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि समान मात्रा में अन्य वृद्धि पहले से ही प्रस्तावित थी। कई वैश्विक बाजारों में गिरावट आई। भारतीय बाजार बंद होने के बाद, बैंक ऑफ इंगलैंड ने भी दरों में 50 आधार अंक तक का इजाफा किया।
 वैश्विक निवेशकों ने गुरुवार को बड़ी मात्रा में शेयर बेचे, क्योंकि डॉलर के मुकाबले रुपया नए निचले स्तर पर आ गया। जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज में शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, फेड ने अनुमान से ज्यादा सख्त रुख अपनाया है और 2022 के अंत तक अपना दर अनुमान बढ़ाकर 4.4 प्रतिशत किया है। 

First Published - September 22, 2022 | 10:44 PM IST

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