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Nifty futures में FII की हिस्सेदारी 3 महीने के हाई पर, बाजार में और गिरावट के संकेत

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FII की निफ्टी फ्यूचर्स में बढ़ती हिस्सेदारी ने निवेशकों को किया चिंतित, क्या बाजार में और गिरावट का खतरा मंडरा रहा है?

Last Updated- January 22, 2025 | 10:03 AM IST
Nifty futures

शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन भारी रहा। निफ्टी 50 इंडेक्स में 1.4% की गिरावट आई और इस साल की शुरुआत से अब तक यह करीब 2.5% फिसल चुका है। बाजार के जानकार इसे बियरिश मूड का असर बता रहे हैं। SAMCO सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट ओम मेहरा ने कहा कि निफ्टी ने एक खतरनाक ‘बेयरिश इंगफ्लिंग कैंडलस्टिक पैटर्न’ बनाया है। आसान भाषा में कहें तो मंगलवार की ट्रेडिंग ने पिछले छह दिनों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उन्होंने बताया कि निफ्टी की चाल अभी भी ‘लोअर हाईज़’ और ‘लोअर लो’ वाले ट्रेंड पर है, यानी गिरावट का सिलसिला थमने वाला नहीं दिख रहा।

इसके अलावा, निफ्टी 9-दिन के मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है, जिससे शॉर्ट टर्म में तेजी के आसार और कमजोर हो गए हैं। वहीं, आरएसआई (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) भी गिरकर 35 के आसपास आ गया है, जो बाजार की घटती ताकत को दिखा रहा है। ओम मेहरा ने कहा कि अब निफ्टी का बड़ा सहारा 22,800 पर है।

एफआईआई का खेल और डेटा की कहानी

अब अगर फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) की बात करें तो विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का दबदबा दिख रहा है। लेकिन, इसमें भी उनका रोल ‘बिकवाल’ का है। एनएसई के डेटा के मुताबिक, एफआईआई ने निफ्टी फ्यूचर्स में इस वक्त सबसे ज्यादा पोजिशन बनाई हुई है। पिछले 32 में से 26 ट्रेडिंग सेशन में एफआईआई ने निफ्टी फ्यूचर्स में शुद्ध बिकवाली की है।

उनकी कुल ओपन पोजिशन 3.6 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स तक पहुंच गई है। लेकिन ध्यान देने वाली बात ये है कि जब पिछली बार अक्टूबर 2024 में ऐसा हुआ था, तो निफ्टी 25,000 के स्तर पर था। उसके बाद निफ्टी 23,800 तक गिर गया था।

इस बार भी एफआईआई का लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो सिर्फ 0.21 है, यानी हर एक लॉन्ग पोजिशन पर उनके पास 5 शॉर्ट पोजिशन हैं। इसका मतलब बाजार में गिरावट का दौर फिलहाल जारी रह सकता है।

रिटेल निवेशकों का भरोसा और स्टॉक्स का हाल

दूसरी तरफ, रिटेल निवेशक अब भी बाजार में तेजी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका लॉन्ग-शॉर्ट रेशियो 2.5 है, यानी हर दो शॉर्ट पोजिशन पर पांच लॉन्ग पोजिशन। यही नहीं, प्रॉपाइटरी ट्रेडर्स और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) का रुख भी थोड़ा सकारात्मक है।

स्टॉक्स की बात करें तो सुप्रीम इंडस्ट्रीज में भारी बिकवाली देखने को मिली है। इस स्टॉक में 9% की गिरावट के साथ 53% ओपन पोजिशन बढ़ी है। इसी तरह, डिक्सन टेक्नोलॉजीज, ओबेरॉय रियल्टी, एक्सिस बैंक, जिओ फाइनेंशियल और जोमैटो भी गिरावट झेल रहे हैं।

वहीं, एलटीटीएस (LTTS) ने सबका ध्यान खींचा है। यह स्टॉक 11% चढ़ गया और इसके साथ ओपन पोजिशन में भी 28.3% की तेजी आई है। यूनाइटेड ब्रुअरीज और विप्रो जैसे स्टॉक्स में भी खरीदारी का जोर दिख रहा है।

कुल मिलाकर, बाजार फिलहाल कमजोर नजर आ रहा है, लेकिन रिटेल निवेशकों का भरोसा और कुछ स्टॉक्स में तेजी एक संतुलन बनाए हुए है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाजार की चाल पर नजर रखना जरूरी होगा। क्या यह गिरावट थमेगी या बियर की पार्टी जारी रहेगी? यह देखना दिलचस्प होगा।

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First Published - January 22, 2025 | 10:00 AM IST

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