facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

FPI ने जून में अब तक शेयरों में 12,170 करोड़ रुपये डाले

नीतिगत मोर्चे पर निरंतरता और सतत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद में एफपीआई का भारतीय शेयर बाजारों के प्रति आकर्षण बढ़ा है।

Last Updated- June 23, 2024 | 2:42 PM IST
FPI- विदेशी निवेशक
Representative Image

आम चुनाव के नतीजों के बाद मजबूत वापसी करते हुए विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने जून में अब तक (21 जून तकत्र भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 12,170 करोड़ रुपये डाले हैं।

नीतिगत मोर्चे पर निरंतरता और सतत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद में एफपीआई का भारतीय शेयर बाजारों के प्रति आकर्षण बढ़ा है। इससे पहले मई में चुनावी नतीजों को लेकर अनिश्चितता के बीच एफपीआई ने शेयरों से 25,586 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी।

वहीं मॉरीशस के साथ भारत की कर संधि में बदलाव और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में निरंतर वृद्धि की चिंताओं के बीच उन्होंने अप्रैल में शेयरों से 8,700 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निकाली थी।

डिपॉजिटरी के आंकड़ों से पता चलता है कि ताजा निवेश के बाद 2024 में एफपीआई की शेयरों से निकासी (21 जून) 11,194 करोड़ रुपये रही है। मोजोपीएमएस के मुख्य निवेश अधिकारी सुनील दमानिया ने कहा कि वर्तमान में भारतीय शेयर बाजार के उच्च मूल्यांकन के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों का प्रवाह प्रभावित रहेगा।

फिडेलफोलियो के स्मॉलकेस प्रबंधक और संस्थापक किसलय उपाध्याय ने कहा, ‘‘हालांकि आम चुनाव के नतीजे एक तरह से आश्चर्यचकित करने वाले थे, लेकिन बाजार स्थिर सरकार के गठन का जश्न मना रहा है। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि इसके अलावा वृद्धि को समर्थन देने वाले बजट की उम्मीद से भी निवेशकों की धारणा मजबूत हुई है। आंकड़ों के अनुसार, समीक्षाधीन अवधि में एफपीआई ने ऋण या बॉन्ड बाजार में 10,575 करोड़ रुपये डाले हैं।

First Published - June 23, 2024 | 12:06 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट