facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

भारतीय शेयरों में FPI का निवेश सुस्त पड़ा, अगस्त में डाले 12,262 करोड़ रुपये

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अगस्त में भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 12,262 करोड़ रुपये का निवेश किया है

Last Updated- September 03, 2023 | 8:17 PM IST
FPI Trend: Continuous selling by foreign investors stopped, buyers became buyers after two months, pumped Rs 15,446 crore into the market विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली का दौर थमा, दो महीने बाद बने खरीदार, बाजार में झोंके 15,446 करोड़ रुपये

भारतीय शेयर बाजारों में पिछले तीन माह में जोरदार निवेश करने के बाद अब विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) के प्रवाह में सुस्ती आई है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और मुद्रास्फीति का जोखिम फिर उभरने के बीच अगस्त में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजारों में 12,262 करोड़ रुपये डाले हैं।

मॉर्निंगस्टोर इंडिया के एसोसिएट निदेशक-प्रबंधक शोध हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘एफपीआई पूरी तरह ‘यू-टर्न’ लेने के बजाय ‘देखो और इंतजार करो’ की नीति अपना रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है और अंतर्निहित परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। इससे एफपीआई के प्रवाह में उतार-चढ़ाव रहेगा।’’

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अगस्त में भारतीय शेयरों में शुद्ध रूप से 12,262 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इस आंकड़े में प्राथमिक बाजार और थोक सौदों के माध्यम से किया गया निवेश शामिल है।

यह भारतीय शेयरों में निवेश का एफपीआई का पिछले चार माह का सबसे निचला आंकड़ा है। इससे पिछले तीन महीनों में एफपीआई ने शेयरों में लगातार 40,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया था।

जुलाई में एफपीआई का निवेश 46,618 करोड़ रुपये, जून में 47,148 करोड़ रुपये और मई में 43,838 करोड़ रुपये रहा था। इससे पहले अप्रैल में उनका निवेश 11,631 करोड़ रुपये और मार्च में 7,935 करोड़ रुपये था।

श्रीवास्तव ने अगस्त में एफपीआई निवेश में आई गिरावट के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मुद्रास्फीति के जोखिमों के फिर उभरने को प्रमुख कारक बताया।

उन्होंने कहा कि इसके अलावा अमेरिका में बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने की वजह से भी एफपीआई जोखिम वाले बाजारों से अपना निवेश निकाल रहे हैं।

श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों में लगातार तेजी की वजह से शेयरों का मूल्यांकन कुछ निवेशकों के संतोषजनक स्तर से ऊपर हो गया है।

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ‘‘डॉलर में मजबूती तथा बढ़ते बॉन्ड प्रतिफल की वजह से अगस्त में एफपीआई ज्यादातर उभरते बाजारों में बिकवाल रहे हैं।’’

एफपीआई ने शेयरों के अलावा पिछले महीने ऋण या बॉन्ड बाजार में भी 7,732 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके साथ ही इस साल अब तक शेयरों में एफपीआई का कुल निवेश 1.35 लाख करोड़ रुपये और बॉन्ड बाजार में 28,200 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

First Published - September 3, 2023 | 12:10 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट