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एफपीआई ने हर दिन निकाले 1,720 करोड़ रुपये

Last Updated- December 11, 2022 | 5:26 PM IST

मंगलवार को कारोबारी सत्र के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 80 के पार निकल गया, ऐसे में विदेशी फंडों की सतत बिकवाली का दबाव सामने आया। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने इस साल अब तक देसी शेयरों की हर दिन औसतन 22.5 करोड़ डॉलर (1,720 करोड़ रुपये) की बिकवाली की है। भारतीय बाजार में बिकवाली की तीव्रता सबसे ज्यादा देखने को मिली। इस साल एफपीआई की बिकवाली करीब 30 अरब डॉलर यानी 2.3 लाख करोड़ रुपये रही। रुपये व शेयरों पर असर के अलावा एफपीआई की तेज बिकवाली ने आर्थिक हालात को भी खराब कर दिया। भारत के भुगतान संतुलन का घाटा मार्च 2022 की तिमाही में 16 अरब डॉलर रही, जो वैश्विक आर्थिक संकट के बाद का दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।
इस साल अब तक के लिहाज से रुपया 7 फीसदी कमजोर है, वहीं बेंचमार्क निफ्टी में 6 फीसदी की गिरावट आई है। देसी मुद्रा में आई कमजोरी ने विदेशी निवेशकों के रिटर्न पर काफी चोट पहुंचाई है। हालांकि स्थिति और विकट होती, अगर देसी निवेशकों का सहारा नहीं मिला होता। म्युचुअल फंडों ने इस साल अब तक करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है। उभरते बाजारों में एफपीआई की तरफ से भारत में हुई बिकवाली चीन व ताइवान के बाद सबसे ज्यादा है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कदमों के बावजूद बड़े जिंस निर्यातक मसलन ब्राजील व इंडोनेशिया में इस साल सकारात्मक विदेशी निवेश देखने को मिला है।
 

First Published - July 20, 2022 | 1:18 AM IST

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