Stock Market Crash: घरेलू शेयर बाजार सोमवार (6 जनवरी) को हरे निशान में खुलने के बावजूद औंधे मुंह लुढ़क गया। बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स इंट्राडे में 1263.16 अंक या 1.59 प्रतिशत लुढ़क गया और निचले स्तर 77,959.95 पर पहुंच गया। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 403.25 अंक या 1.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ दिन के निचले स्तर 23,601.5 पर आ गया।
दोपहर 2 बजे के आसपास, बीएसई पर टाटा स्टील, कोटक महिंद्रा बैंक, ज़ोमैटो, एशियन पेंट्स, इंडसइंड बैंक शीर्ष पर थे। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) को छोड़कर सभी रीजनल सेक्टर लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं।
-HMPV वायरस को लेकर निवेशकों में डर
कर्नाटक में HMPV के दो मामले सामने आए हैं। इसके शुरुआती लक्षण बिल्कुल कोरोना महामारी जैसे ही हैं, जिसमें मरीज को सर्दी-जुकाम और सांस लेने में दिक्कत होती है। साथ ही मरीज को हल्के से मध्यम बुखार, खांसी, नाक बहना, छाती में जकड़न और थकान का एहसास होता है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के प्रमुख निवेश रणनीतिकार गौरांग शाह का मानना है कि ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV ) को लेकर डर भारतीय बाजारों को प्रभावित कर रहा है। शाह ने कहा, ”कोविड महामारी के बाद, एचएमपीवी वायरस का प्रवेश बाजार की भावनाओं को प्रभावित कर रहा है।”
डॉलर के मुकाबले रुपया फिसला
डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर पहुंच गया है। अमेरिका मुद्रा की तुलना में रुपया सोमवार (6 जनवरी) को 85.82 रुपये तक गिर गया। यह इसका ऑल टाइम लो लेवल है।
इक्विनॉमिक्स रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के फाउंडर जी चोकालिंगम के अनुसार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में गिरावट बाजार के लिए चिंताजनक है।
ट्रंप के टैरिफ शुल्क बढ़ाने से बाजार में चिंता
अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नवंबर के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस को हराने के बाद 20 जनवरी को पदभार ग्रहण करेंगे। शाह के मुताबिक, ट्रंप सरकार की तरफ टैरिफ शुल्क बढ़ाए जाने की खबरों से बाजार में चिंता का माहौल है।
ट्रम्प ने चीन से आने वाले सामानों पर कम से कम 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने और मेक्सिको और कनाडा दोनों के उत्पादों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की धमकी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इससे रेनॉल्ड्स जैसे आयातकों को हाई कॉस्टिंग से बचने के लिए जल्दी आयात करने के लिए प्रेरित किया गया है। इसका बोझ अक्सर उपभोक्ताओं पर पड़ता है।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी
विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 3 जनवरी, 2024 को 4,227.25 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची। इस बीच, जनवरी 2025 में एफआईआई ने पहले तीन कारोबारी सेशन में 4,285 करोड़ रुपये निकाले।
चोक्कालिंगम ने कहा, “विदेशी निवेशक कोई भी महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले बजट के नतीजों का इंतजार करेंगे। वे कोई भी महत्वपूर्ण निवेश करने से पहले स्थानीय करेंसी के स्थिर होने का भी इंतजार करेंगे। इसलिए, उनकी बिकवाली बजट पेश होने तक या मार्च 2025 तक भी जारी रह सकती है।”
एशियाई और यूरोपीय बाजारों में गिरावट
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी फायद में रहा, जबकि चीन का शंघाई कम्पोजिट, हांगकांग का हैंगसेंग तथा जापान का निक्की नुकसान में रहे।
GDP आंकड़े जारी होने से पहले घबराहट
FY26 के लिए केंद्रीय बजट से तीन सप्ताह पहले, एनएसओ की उम्मीदों में नरमी के बीच 7 जनवरी को FY25 के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का पहला अग्रिम अनुमान जारी करेगा। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण मांग में लचीलापन, निरंतर कृषि और सेवा क्षेत्र के उत्पादन के साथ, भारत को वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4-6.8 प्रतिशत की ग्रोथ रेट हासिल करने की दिशा बनाए रखेगा।