जेफरीज में इक्विटी स्ट्रैटजी के वैश्विक प्रमुख क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि वैश्विक वित्तीय बाजार अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया संघर्ष से ‘पीछे हटने’ (टैको) पर दांव लगा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट खोलने या बिजली संयंत्रों पर हमले के बारे में मनमाने तरीके से समय-सीमा खुद ही तय की है।
वुड ने निवेशकों को भेजे अपने साप्ताहिक नोट ग्रीड ऐंड फियर में लिखा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने दो विकल्प हैं – या तो वे एक बड़े और जोखिम भरे सैन्य टकराव का रास्ता चुनें, जिसके बाजारों पर गंभीर परिणाम होंगे, या फिर एक अपमानजनक ‘टैको’ स्वीकार करें, जिससे अमेरिकी और इजरायली सरकारों के अलग-अलग एजेंडे सबके सामने आ जाएंगे।
टैको असल में वॉल स्ट्रीट का ट्रम्प के बयानों के लिए दिया गया संक्षिप्त नाम है, जिसका मतलब है ‘ट्रंप ऑलवेज चिकंस आउट’ (ट्रंप हमेशा पीछे हट जाते हैं)। यह एक ऐसी बाजार रणनीति है जो इस बात पर दांव लगाती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी घोषित, आक्रामक टैरिफ नीतियों या व्यापार युद्ध की धमकियों से पीछे हट जाएंगे। विश्लेषकों द्वारा गढ़ा गया यह शब्द एक ऐसे पैटर्न को उजागर करता है, जिसमें पहले व्यापार से जुड़ी सख्त धमकियां दी जाती हैं और उसके बाद बातचीत के जरिये कम सख्त कदम उठाए जाते हैं।
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वुड ने लिखा है, ‘इसलिए उन्हें जरूर इस बात का पछतावा हो रहा होगा कि उन्होंने ईरान पर हमले के लिए कभी सहमति दी थी, जो राजनीतिक तौर पर उनके लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है।’ वुड ने लिखा, ‘बाजार अभी भी टैको पर दांव लगा रहे हैं, यह इस बात से स्पष्ट है कि बढ़ते मंदी-महंगाई संबंधित जोखिमों के बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया ज्यादा नकारात्मक नहीं रही है।’
शुक्रवार तक पांच दिन के विराम के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि वह तेहरान के अनुरोध पर ईरान के विद्युत संयंत्रों पर नियोजित हमलों को टाल रहे हैं, जिससे तनाव में अस्थायी कमी का संकेत मिलता है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ‘ईरानी सरकार के अनुरोध पर मैं ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों को 10 दिनों के लिए यानी सोमवार, 6 अप्रैल को रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक के लिए रोक रहा हूं।’
इन घटनाक्रम को देखते हुए, भारत सहित वैश्विक बाजारों में राहत भरी तेजी देखने को मिली। एसीई इक्विटी के आंकड़ों के अनुसार 23 मार्च से अब तक निफ्टी-50 में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त हुई है जब ट्रंप ने ईरान पर पांच दिन तक हमले रोकने की घोषणा की थी।
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वुड के अनुसार वित्तीय बाजारों के लिए पिछले सप्ताह की सबसे अहम घटना ट्रेजरी बॉन्ड बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता रही है। यह अस्थिरता मूव इंडेक्स में साफ तौर पर दिखी। यह इंडेक्स पिछले शुक्रवार को 28 प्रतिशत बढ़कर 108.84 के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था और अब 97.59 पर है। अक्टूबर 2020 में कोविड महामारी के बाद से यह एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़त थी।