facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

जंग में ग्लोबल बाजार का दांव ट्रंप के ‘TACO’ ट्रेड परः क्रिस्टोफर वुड

Advertisement

टैको असल में वॉल स्ट्रीट का ट्रम्प के बयानों के लिए दिया गया संक्षिप्त नाम है, जिसका मतलब है ‘ट्रंप ऑलवेज चिकंस आउट’ (ट्रंप हमेशा पीछे हट जाते हैं)

Last Updated- March 27, 2026 | 9:59 PM IST
Chris Wood BS Manthan

जेफरीज में इक्विटी स्ट्रैटजी के वै​श्विक प्रमुख क्रिस्टोफर वुड का मानना है कि वैश्विक वित्तीय बाजार अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया संघर्ष से ‘पीछे हटने’ (टैको) पर दांव लगा रहे हैं, क्योंकि उन्होंने होर्मुज स्ट्रेट खोलने या बिजली संयंत्रों पर हमले के बारे में मनमाने तरीके से समय-सीमा खुद ही तय की है।

वुड ने निवेशकों को भेजे अपने साप्ताहिक नोट ग्रीड ऐंड फियर में लिखा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने दो विकल्प हैं – या तो वे एक बड़े और जोखिम भरे सैन्य टकराव का रास्ता चुनें, जिसके बाजारों पर गंभीर परिणाम होंगे, या फिर एक अपमानजनक ‘टैको’ स्वीकार करें, जिससे अमेरिकी और इजरायली सरकारों के अलग-अलग एजेंडे सबके सामने आ जाएंगे।

टैको असल में वॉल स्ट्रीट का ट्रम्प के बयानों के लिए दिया गया संक्षिप्त नाम है, जिसका मतलब है ‘ट्रंप ऑलवेज चिकंस आउट’ (ट्रंप हमेशा पीछे हट जाते हैं)। यह एक ऐसी बाजार रणनीति है जो इस बात पर दांव लगाती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति अपनी घोषित, आक्रामक टैरिफ नीतियों या व्यापार युद्ध की धमकियों से पीछे हट जाएंगे। विश्लेषकों द्वारा गढ़ा गया यह शब्द एक ऐसे पैटर्न को उजागर करता है, जिसमें पहले व्यापार से जुड़ी सख्त धमकियां दी जाती हैं और उसके बाद बातचीत के जरिये कम सख्त कदम उठाए जाते हैं।

Also Read: अर्थशास्त्रियों का अनुमान: एक्साइज कटौती से सरकार को ₹1.5 लाख करोड़ का झटका!

वुड ने लिखा है, ‘इसलिए उन्हें जरूर इस बात का पछतावा हो रहा होगा कि उन्होंने ईरान पर हमले के लिए कभी सहमति दी थी, जो राजनीतिक तौर पर उनके लिए बहुत नुकसानदायक साबित हो सकता है।’ वुड ने लिखा, ‘बाजार अभी भी टैको पर दांव लगा रहे हैं, यह इस बात से स्पष्ट है कि बढ़ते मंदी-महंगाई संबंधित जोखिमों के बावजूद बाजार की प्रतिक्रिया ज्यादा नकारात्मक नहीं रही है।’

शुक्रवार तक पांच दिन के विराम के बाद ट्रंप ने घोषणा की कि वह तेहरान के अनुरोध पर ईरान के विद्युत संयंत्रों पर नियोजित हमलों को टाल रहे हैं, जिससे तनाव में अस्थायी कमी का संकेत मिलता है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, ‘ईरानी सरकार के अनुरोध पर मैं ऊर्जा संयंत्रों पर हमलों को 10 दिनों के लिए यानी सोमवार, 6 अप्रैल को रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम) तक के लिए रोक रहा हूं।’

इन घटनाक्रम को देखते हुए, भारत सहित वैश्विक बाजारों में राहत भरी तेजी देखने को मिली। एसीई इक्विटी के आंकड़ों के अनुसार 23 मार्च से अब तक निफ्टी-50 में लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त हुई है जब ट्रंप ने ईरान पर पांच दिन तक हमले रोकने की घोषणा की थी।

Also Read: रुपया 94.70 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर, डॉलर की मजबूती और एफआईआई बिकवाली से बढ़ा दबाव

बॉन्ड बाजार

वुड के अनुसार वित्तीय बाजारों के लिए पिछले सप्ताह की सबसे अहम घटना ट्रेजरी बॉन्ड बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता रही है। यह अस्थिरता मूव इंडेक्स में साफ तौर पर दिखी। यह इंडेक्स पिछले शुक्रवार को 28 प्रतिशत बढ़कर 108.84 के ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था और अब 97.59 पर है। अक्टूबर 2020 में कोविड महामारी के बाद से यह एक दिन में हुई सबसे बड़ी बढ़त थी।

Advertisement
First Published - March 27, 2026 | 9:51 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement