बीएस बातचीत
यूटीआई म्युचुअल फंड में कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं इक्विटी के लिए फंड प्रबंधक स्वाति कुलकर्णी ने पुनीत वाधवा के साथ बातचीत में कहा कि बाजार में मौजूदा गिरावट के बीच, निफ्टी-50 के मुकाबले निफ्टी-100 मूल्यांकन 12 प्रतिशत ऊंचाई पर है, जो पिछले 10 वर्षों के 5 वर्षीय औसत से ज्यादा है। इससे संकेत मिलता है कि लार्जकैप आकर्षक हैं। मुख्य अंश:
क्या आप मानती हैं कि वर्ष 2022 में प्रमुख सूचकांकों से कमजोर प्रतिफल रह सकता है?
हम पिछले साल जिन कई आशंकाओं पर चर्चा कर रहे थे, उनका प्रभाव दिखने लगा है। ये आशंकाएं सख्त मौद्रिक नीति, मुद्रास्फीति और कमजोर वैश्विक वृद्घि को लेकर थीं। अनिश्चित भूराजनीतिक टकराव से मुद्रास्फीति को बढ़ावा मिला है और आपूर्ति संबंधित समस्याएं पैदा हुई हैं। ऊंचे मूल्यांकन (10 वर्षीय औसत पीई से एक स्टैंडर्ड डेविएशन ऊपर) से भी सहायता मिलने की गुंजाइश समाप्त हो गई है। बाजार अगस्त 2021 में दर्ज किए गए अपने ऊंचे स्तरों से करीब 13 प्रतिशत गिर चुका है। अच्छी बात यह है कि 2021-22 के लिए आय वृद्घि न्यून आधार पर मजबूत है, फिर भी पिछली कुछ तिमाहियों के लिए मार्जिन संबंधित समस्याएं हैं।
क्या मौजूदा स्तरों पर मूल्यांकन आपके सहज स्तर के आसपास हैं?
निफ्टी-50 के लिए 16,250 पर मूल्यांकन लार्जकैप के लिए आकर्षक दिख रहा है और यह सूचकांक 21 गुना के 10 वर्षीय औसत पीई मल्टीपल के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं इस सूचकांक के मुकाबले निफ्टी मिडकैप 100 मूल्यांकन का प्रीमियम 12 प्रतिशत ऊपर है, जो 10 साल के 5 प्रतिशत के औसत से अधिक है और इससे संकेत मिलता है कि लार्जकैप अपेक्षाकृत आकर्षक हैं।
क्या मार्च तिमाही के आंकड़ों का मुद्रास्फीति दबाव में असर दिखा है?
जिन निफ्टी-50 कंपनियों ने अब तक आंकड़े दर्ज किए हैं, उनका मुनाफा मार्च 2021 की तिमाही के मुकाबले 26 प्रतिशत बढ़ा है और इनमें बैंकिंग तथा वित्तीय सेवा क्षेत्र का दबदबा रहा है। दर्ज नतीजों से संकेत मिलता है कि मार्जिन पर लगातार दबाव कच्चे माल की कीमतों और पारिश्रमिक लागत वृद्घि से आ रहा है। हालांकि वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही में अच्छी आय वृद्घि दर्ज की जा सकती है।
कौन से सेक्टर अच्छा प्रदर्शन करञ सकते हैं?
वित्त वर्ष 2023 के संदर्भ में निफ्टी-50 के लिए ब्लूमबर्ग के प्रति शेयर आय वृद्घि के अनुमान 17 प्रतिशत पर हैं। हम वाहन क्षेत्र में संभावित आय वृद्घि सुधार देख सकते हैं, बशर्ते कि कच्चे माल का दबाव कम हो और सेमीकंडक्टर की उपलब्धता में सुधार आए। इस सेक्टर की कंपनियां ऊंची बिक्री वृद्घि दर्ज कर सकती हैं जिससे परिचालन दक्षता लाभ को बढ़ावा मिल सकता है।
वर्ष 2022 में अब तक आपकी निवेश रणनीति क्या रही है?
हमने उन कंपनियों को पसंद किया है जिन्होंने लगातार परिचालन नकदी प्रवाह दर्ज किया है और कम कर्ज से जुड़ी रही हैं, जिससे कि बढ़ती ब्याज लागत की स्थिति में हमारा पोर्टफोलियो मजबूत बना रहे। हमने कम लागत वाली चालू खाता बचत खाता जमाओं वाले बैंकों के लिए अपना निवेश बढ़ावाया है, क्योंकि उन्हें बढ़ती ब्याज दरों से ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है। हम वाहन, उपभोक्ता सेवा, औद्योगिक निर्माण, दवा, दूरसंचार और आईटी पर सकारामक बने हुए हैं। वहीं तेल एवं गैस, एफएमसीजी, बिजली और धातु पर अंडरवेट हैं।
यदि बाजार में सुधार आता है तो कौन से क्षेत्रों में ज्यादा तेजी दिखेगी?
ज्यादा गिरावट वाले क्षेत्रों में तकनीकी तौर पर पहले रिकवरी दिखती है। उदाहरण के लिए, अल्पावधि राजस्व वृद्घि चिंताओं के बीच, आईटी सेक्टर का आकर्षक मूल्यांकन था और उसने 2017 से 2022 तक अच्छा प्रदर्शन किया। अच्छी बैलेंस शीट वाले बैंकों से तेजी देखी जा सकेगी।