होटल शेयर पिछले महीने के दौरान चढ़ने वाले सेक्टोरल शेयरों में शुमार रहे। इन शेयरों में वित्त वर्ष 2023 की अप्रैल-जून तिमाही के बेहतर प्रदर्शन और व्यवसाय के मजबूत सीजन से पहले परिदृश्य में आए सुधार से मदद मिली।
जहां इस क्षेत्र की सबसे बड़ी सूचीबद्ध दिग्गज इंडियन होटल्स कंपनी (आईएचसीएल) का शेयर 17 प्रतिशत तक चढ़ गया, वहीं उसकी छोटी प्रतिस्पर्धियों ईआईएच (पूर्व में ईस्ट इंडिया होटल्स) और लेमन ट्री होटल्स के शेयरों में 13 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के बीच तेजी आई।
बड़ी कंपनियों में शैले होटल्स इस संदर्भ में एकमात्र अलग शेयर रहा और इसमें समान अवधि के दौरान 7 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई थी।
इस क्षेत्र के लिए बेहतर संभावनाएं तीन कारकों पर निर्भर हैं। मांग में सुधार और घरेलू व्यवसाय में मजबूत आवक, विदेशी यात्रा में सुधार, और मौजूदा कंपनियों के लिए सीमित प्रतिस्पर्धा।
घरेलू मांग मजबूत रही है और इससे क्षेत्र को सुधार की रफ्तार महामारी-पूर्व स्तर पर लाने में मदद मिल रही है। लीजर खंड ने लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और साथ ही कॉरपोरेट यात्राओं में सुधार आने से होटल कंपनियां कीमतें बढ़ाने में सफल रही थीं।
वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही के लिए राजस्व 25 प्रतिशत तक बढ़ा था। औसत किराया दरों में 20-25 प्रतिशत की वृद्धि की मदद से राजस्व में तेजी आई। अन्य राहत परिचालन मुनाफा मार्जिन के मोर्चे पर मिली, और कंपनियों ने लागत किफायती ढांचा अपनाया। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के इक्विटी शोध विश्लेषकों रशेष शाह और देबोत्रा सिन्हा का कहना है कि इस क्षेत्र के लिए वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में 30.3 प्रतिशत का परिचालन मुनाफा मार्जिन पिछले दशक में सबसे अच्छे प्रदर्शन में शामिल रहा है। उन्हें परिचालन लागत महामारी-पूर्व स्तरों से 12-15 प्रतिशत घटने का अनुमान है जिससे कंपनियों को अपना मार्जिन बढ़ाने में मदद मिलेगी। हॉस्पिटैलिटी उद्योग की कुल लागत का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा विद्युत/लाइटिंग से जुड़ा हुआ है और इसके अलावा कर्मचारी लागत का बड़ा योगदान है।
विदेशी पर्यटकों की आवक में तेजी इस क्षेत्र के संपूर्ण परिदृश्य को मजबूत बना सकती है। जनवरी-जुलाई अवधि के दौरान विदेशी पर्यटकों की संख्या में 2019 की महामारी-पूर्व अवधि के समान महीनों के मुकाबले 55 प्रतिशत की कमी आई थी।
मोतीलाल ओसवाल रिसर्च के शोध विश्लेषकों सुमंत कुमार और मीत जैन का कहना है, ‘घरेलू मांग में मजबूत सुधार आ रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय यात्रा के संदर्भ में चुनौती बनी हुई है। दिसंबर और मार्च तिमाहियों में विदेशी घरेलू यात्रियों की संख्या में तेजी के अलावा, मांग में सुधार के साथ वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही बेहतर रहने की संभावना है।’
अक्सर किसी भी वित्त वर्ष की दूसरी छमाही (अक्टूबर-मार्च) को मजबूत समझा जाता है और उसका इस क्षेत्र के राजस्व में 60 प्रतिशत योगदान रहता है।
मौजूदा होटल कंपनियों को अब जिस अन्य कारक से मदद मिलने की संभावना है, वह है पिछला सुस्त आपूर्ति प्रवाह। हॉस्पिटैलिटी कंसल्टिंग कंपनी होटलीवेट को अगले पांच साल में आपूर्ति एक अंक में रहने का अनुमान है, जो पिछले रिकॉर्ड के मुकाबले कमजोर है।
होटलीवेट का मानना है कि मांग मजबूत रहने और होटलों में ग्राहकों के ठहरने की दर बढ़कर अगले कुछ वर्षों में 70 प्रतिशत पर पहुंचने के साथ, कमरा दरों में भी इजाफा होने की संभावना है।
नए जमाने की इस हॉस्पिटैलिटी कंसल्टिंग कंपनी ने यह भी कहा है कि होटलों ने जुलाई और अगस्त में कई बाजारों के लिए अपना शानदार प्रदर्शन दर्ज किया हैऔर बहीखाते पर व्यवसाय मजबूत रहा है।
इन कारकों को देखते हुए जेफरीज रिसर्च के विश्लेषकों का मानना है कि हॉस्पिटैलिटी उद्योग बुनियादी आधार में सुधार दर्ज कर रहा है और दीर्घावधि में मांग बढ़ने की संभावना है।
सूचीबद्ध शेयरों में, आईएचसीएल कई ब्रोकरों का पसंदीदा है, जिसके बाद लेमन ट्री होटल्स शामिल है। इन दो शेयरों के साथ साथ, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ईआईएच और ईजी ट्रिप प्लानर्स पर भी उत्साहित है।
लक्जरी और मिड-स्केल होटल सेगमेंट में अपनी उपस्थिति के अलावा, आईएचसीएल और ईआईएच 4,000 करोड़ रुपये और 350 करोड़ रुपये की कोष उगाही के साथ बैलेंस शीट के मोर्चे पर अच्छी स्थिति में हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि इससे इन कंपनियों को अपनी बाजार भागीदारी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
जहां लेमन ट्री पर उसके प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले अधिक कर्ज है, लेकिन उसमें अन्य कंपनियों के मुकाबले तेजी से बढ़ने की मजबूत संभावना है।