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इस्पात, ईंधन पर कर से उद्योग जगत पर असर

Last Updated- December 11, 2022 | 5:47 PM IST

इस्पात, लौह अयस्क और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर हाल में घोषित विशेष कर और कच्चे तेल उत्पादकों पर विंडफॉल लाभ कर से चालू वित्त वर्ष के दौरान संपूर्ण कॉरपोरेट आय प्रभावित होने की आशंका है। खनन एवं धातु और कच्चे तेल उत्पादकों जैसे टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील, वेदांत, हिंडाल्को, ओएनजीसी, और रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) के नेतृत्व में वित्त वर्ष 2022 में कॉरपोरेट आय वृद्धि और नियामकीय बदलावों की वजह से उनकी आय में कमी से वित्त वर्ष 2023 में मुनाफा प्रभावित होने का अनुमान है।
इन दो क्षेत्रों की सूचीबद्ध कंपनियों ने वित्त वर्ष 2022 में 3.05 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो एक साल पहले के 1.65 लाख करोड़ रुपये से 84.9 प्रतिशत तक अधिक है। कुल मिलाकर, इन दोनों क्षेत्रों का वित्त वर्ष 2022 की कुल कॉरपोरेट आय में करीब 32 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष के मुनाफे में 44 प्रतिशत का योगदान था।
बिजनेस स्टैंडर्ड का विश्लेषण उन क्षेत्रों की 1,062 कंपनियों के सामान्य नमूने पर आधारित है जो बीएसई-500, बीएसई मिडकैप,और बीएसई स्मॉलकैप सूचकांकों का हिस्सा हैं।  इन कंपनियों ने वित्त वर्ष 2022 में 9.6 लाख करोड़ रुपये का संयुक्त शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो 6.41 लाख करोड़ रुपये से सालाना आधार पर 49.7 प्रतिशत तक अधिक है।
खनन एवं धातु उत्पादक वित्त वर्ष 2022 में सबसे बड़े लाभार्थी थे और क्षेत्र का संयुक्त शुद्ध लाभ समीक्षाधीन वर्ष में सालाना आधार पर 132.5 प्रतिशत बढ़कर 1.58 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2021 में 67,900 करोड़ रुपये था।
टाटा स्टील, जेएसडब्ल्यू स्टील और भारतीय इस्पात प्राधिकरण (सेल) जैसे बड़े इस्पात उत्पादक आय के संदर्भ में चार्ट पर आगे थे और उनका संयुक्त लाभ वित्त वर्ष 2022 में तीन गुना से ज्यादा बढ़कर 92,611 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 30,257 करोड़ रुपये था। संयुक्त रूप से, इन खनन एवं धातु कंपनियों का वित्त वर्ष 2022 में सूचीबद्ध कंपनियों के संयुक्त शुद्ध लाभ में 16.5 प्रतिशत और पिछले वित्त वर्ष की कॉरपोरेट आय वृद्धि में 28.3 प्रतिशत योगदान दिया। इन कंपनियों ने वित्त वर्ष 2022 में अपने शुद्ध लाभ में करीब 90,000 करोड़ रुपये का इजाफा किया, जो पिछले वित्त वर्ष कुल कॉरपोरेट आय में दर्ज की गई 3.18 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि से अलग है।
इसी तरह ओएनजीसी और ऑयल इंडिया जैसे कच्चे तेल उत्पादक और मंगलोर रिफाइनरीज ऐंड पेट्रोकेमिकल और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातकों ने वित्त वर्ष 2022 में आय में बड़ी तेजी दर्ज की। उदाहरण के लिए, ओएनजीसी का शुद्ध लाभ एक साल पहले के 10,300 करोड़ रुपये से वित्त वर्ष 2022 में करीब चार गुना बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये हो गया। आरआईएल के तेल-रसायन खंड का सेगमेंट लाभ सालाना आधार पर 52 प्रतिशत तक बढ़कर 45,200 करोड़ रुपये हो गया।

First Published - July 5, 2022 | 12:10 AM IST

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