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शेयर बाजार में उत्तर प्रदेश के ज्यादा खिलाड़ी, सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले राज्य को छोड़ा पीछे

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कम आधार और बढ़ती इक्विटी संस्कृति के बल पर शेयर बाजार से यूपी के 1.26 लाख निवेशक जुड़े, जो महाराष्ट्र से 8,000 अधिक हैं

Last Updated- June 08, 2023 | 11:15 PM IST
सभी निवेशकों का स्वागत करने का सही वक्त, Time to roll out the red carpet for all investors

उत्तर प्रदेश ने शेयर बाजार के नए निवेशकों की संख्या के मामले में देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाले राज्य को पीछे छोड़ दिया है।
नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से मिली जानकारी के अनुसार अप्रैल महीने में उत्तर प्रदेश ने शेयर बाजार में 1.26 लाख नए निवेशकों को जोड़ा है। यह महाराष्ट्र के 1.18 लाख निवेशकों से अधिक है।

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई को देश की वित्तीय राजधानी के नाम से जाना जाता है। यह परंपरागत रूप से भारत के निवेशकों का सबसे बड़ा स्रोत है।

उत्तर प्रदेश ज्यादा जनसंख्या रहने के बावजूद उत्तर प्रदेश की अपेक्षाकृत सीमित इक्विटी संस्कृति रही है। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार यह नए निवेशक जोड़ने के मामले में फरवरी से शीर्ष स्थान पर है।

साल 2023 के अनुमानों से पता चलता है कि महाराष्ट्र की 12.6 करोड़ की आबादी उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ आबादी से करीब आधी है। साल 2018-19 में वैश्विक महामारी से पहले महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था 25.7 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया था। इसकी तुलना में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का अनुमान 15.8 लाख करोड़ रुपये था।

जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के कार्यकारी निदेशक सतीश मेनन ने कहा कि कम आधार और बढ़ती इक्विटी संस्कृति के बल पर महाराष्ट्र या गुजरात जैसे पारंपरिक स्थानों के बाहर से अधिक निवेशक आने की संभावना है। उनके अनुसार, निवेशकों का एक छोटा समूह अधिक लाभ कमाने की मंशा से बाहर निकलता है और शेयर बाजार में निवेश पूरे देश में फैलने की संभावना है। मेनन ने कहा, ‘अन्य राज्य भी ऐसा करना चाहेंगे।’

एनएसई के आंकड़े दर्शाते हैं कि अप्रैल 2023 में 8 लाख नए निवेशक जुड़े हैं। यह नवंबर 2020 के बाद सबसे कम है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के आंकड़े दर्शाते हैं कि इस महीने 16 लाख नए खाते खुले हैं। यह अंतर इसलिए हो सकता है कि एक्सचेंज सिर्फ एक ही निवेशक के पंजीकरण को गिनता है और यदि किसी निवेशक के पास एक से अधिक खाते हैं तो उसे फिर से नहीं गिना जाता है।

स्टॉक एक्सचेंज ने अतिरिक्त आंकड़े मांगने की बाबत भेजे गए मेल का जवाब नहीं दिया। डिपॉजिटरी आंकड़ों ने दर्शाया कि मई 2023 में 21 लाख खाते खोले गए। साथ ही संकेत दिया कि गिरावट का सिलसिला मई में उलट सकता है। मई में बाजार भी अपने उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया।

एसऐंडपी बीएसई सूचकांक सेंसेक्स मई में 62,622.24 अंकों पर बंद हुआ था। यह दिसंबर 2022 में सर्वकालिक ऊंचाई 63,583.07 पर पहुंचा था।

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First Published - June 8, 2023 | 11:15 PM IST

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