एनडीटीवी की प्रवर्तक इकाई आरआरपीआर होल्डिंग ने गुरुवार को स्टॉक एक्सचेंजों से कहा कि विश्वप्रधान कमर्शियल (वीसीपीएल) की तरफ से वॉरंट को इक्विटी में परिवर्तित करने वाले कदम के लिए आयकर विभाग की मंजूरी या स्पष्टीकरण की दरकार होगी।
उधर, अदाणी एंटरप्राइजेज ने कहा है कि इस मामले में आयकर विभाग की मंजूरी की दरकार नहीं है।
अदाणी समूह की तरफ से लोकप्रिय न्यूज नेटवर्क के अधिग्रहण सौदे पर मंजूरी के लिए एनडीटीवी ने वीसीपीएल को आयकर विभाग के साथ आवेदन संग जुड़ने के लिए आमंत्रित भी किया। आरआरपीआर ने कहा, आरआरपीआर के पास मौजूद एनडीटीवी के शेयर अस्थायी तौर पर साल 2017 में आयकर विभाग ने जब्त कर लिया था और 2018 की अधिसूचना में कहा गया कि पुनर्निधारण प्रक्रिया पूरा रहने तक यह जब्ती कायम रहेगी। आरआरपीआर ने 20 जुलाई, 2022 के सैट आदेश का हवाला देते हुए कहा कि आयकर विभाग को यह स्पष्ट करने की दरकार है कि सैट के आदेश के आलोक में क्या अस्थायी जब्ती जारी रहेगी या नहीं। उसने कहा कि नेटवर्क के प्रवर्तकों राधिका व प्रणय रॉय को किसी परिसंपत्ति के सौदे (एनडीटीवी में अप्रत्यक्ष शेयरधारिता समेत) के लिए आयकर विभाग से स्वतंत्र मंजूरी की दरकार हो सकती है।