अमेरिकी उपभोक्ता कीमतों में सितंबर में अनुमान के मुकाबले ज्यादा इजाफा दर्ज किया गया और मौजूदा मुद्रास्फीति दबाव बरकरार है। इससे इन अनुमानों को बल मिल रहा है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अगले महीने चौथी बार 75 आधार अंक की दर वृद्धि करेगा।
गुरुवार को श्रम विभाग ने कहा कि उपभोक्ता कीमत सूचकांक अगस्त में 0.1 प्रतिशत की तेजी के बाद सितंबर में 0.4 प्रतिशत बढ़ा। रॉयटर्स द्वारा कराए गए सर्वे में अर्थशास्त्रियों ने सीपीआई में 0.2 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान जताया था।
सितंबर तक की 12 महीने की अवधि में, सीपीआई 8.2 प्रतिशत बढ़ी है। सालाना सीपीआई जून में 9.1 प्रतिशत पर रही, जो नवंबर 1981 के बाद से सबसे बड़ा आंकड़ा था। आपूर्ति श्रृंखला में नरमी और तेल कीमतें अपने ऊंचे स्तरों से नीचे आने की वजह से लगातार कमजोरी के बावजूद मुद्रास्फीति फेडरल के 2 प्रतिशत लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।
पिछले सप्ताह ओपेक सदस्यों द्वारा ते उत्पादन कटौती का निर्णय लिए जाने के बाद गैसोलिन कीमतों में गिरावट आने का अनुमान है। यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध से खाद्य कीमतों के लिए जोखिम पैदा हो गया है।
ऊंची मुद्रास्फीति और सख्त श्रम बाजार से अमेरिकी केंद्रीय बैंक को कुछ समय से अपना आक्रामक मौद्रिक नीतिगत रुख बनाए रखने के लिए बाध्य होना पड़ा है। सरकार ने पिछले सप्ताह सितंबर में मजबूत रोजगार वृद्धि की जानकारी दी थी और तब कहा गया था कि बेरोजगारी दर अगस्त के 3.7 प्रतिशत से घटकर फिर से 3.5 प्रतिशत (महामारी पूर्व स्तर) पर आ गई है।
फेडरल रिजर्व ने मार्च से अपनी नीतिगत दर करीब शून्य से बढ़ाकर 3-3.25 प्रतिशत के दायरे में की है।