विदेशी बाजारों में डॉलर के कमजोर होने के बीच रुपये की आरंभिक हानि कम हो गई और अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया चार पैसे की तेजी के साथ 82.02 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 82.12 पर खुला। कारोबार के अंत में यह अपने पिछले बंद भाव की तुलना में चार पैसे की तेजी के साथ 82.02 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपये ने 81.99 के उच्चस्तर और 82.06 के निचले स्तर को छुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 82.06 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.08 फीसदी घटकर 105.22 पर कारोबार कर रहा था। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 0.59 फीसदी घटकर 81.11 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। कमजोर अमेरिकी बाजारों और निराशाजनक साप्ताहिक बेरोजगारी दावों के आंकड़ों के कारण डॉलर तीन महीने के उच्च स्तर से फिसल गया।
शेयरखान में अनुसंधान विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली के दबाव के कारण रुपये में एक नकारात्मक पूर्वाग्रह के साथ करोबार होगा। हालांकि, कमजोर डॉलर, अमेरिकी बांड आय के घटने तथा कच्चे तेल कीमतों में कमी से इस गिरावट पर अंकुश लग सकता है।’
घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 671.15 अंक की गिरावट के साथ 59,135.13 अंक पर बंद हुआ। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने गुरुवार को शुद्ध रूप से 561.78 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।