महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ऑटो, कृषि उपकरण और इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार में 15,300 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च करने जा रही है, जो 2022-23 और 2023-24 में होगा। कंपनी एसयूवी व ट्रैक्टर सेगमेंट में अपनी स्थिति मजबूत करना चाह रही है और बॉर्न ईवी प्लेटफॉर्म के साथ इलेक्ट्रिक यात्री वाहन कारोबार में 2025 से प्रवेश करने जा रही है। कंपनी के आला अधिकारियों ने सोमवार को सालाना प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी।
उपरोक्त रकम मेंं से 11,900 करोड़ रुपये ईवी समेत ऑटोमोटिव कारोबार में खर्च किए जाएंगे। अन्य बातों के अलावा एक्सयूवी 700 व अन्य की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर 1,900 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च भी इसमें शामिल होगा। अगस्त 2021 में पेश एक्सयूवी 700 की प्रतीक्षा अवधि अभी 18 से 24 महीने है और उत्पादन क्षमता बढ़ाने से प्रतीक्षा अवधि घटेगी, यह कहना है ऑटो व फार्म इक्विपमेंट सेक्टर के कार्यकारी निदेशक राजेश जेजुरिकर का। कंपनी को औसतन 9,500 वाहनों की बुकिंग मिल रही है और 78,000 से ज्यादा ओपन बुकिंग हैं। उन्होंंने कहा, कई जरिये से हम सेमीकंडक्टर की किल्लत से बाहर निकले हैं, जिसमें वैकल्पिक आपूर्तिकर्ता की व्यवस्था शामिल है, जिससे हमें मदद मिली है। इसका असर इस साल हमारे वॉल्यूम पर दिख सकता है।
एसयूवी कारोबार में कंपनी राजस्व के लिहाज से बाजार की अग्रणी होने का दावा करती है, जहां उसकी बाजार हिस्सेदारी 17.9 फीसदी है।