facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

बाजार का प्रदर्शन 7 संवत् में सबसे खराब

Last Updated- December 11, 2022 | 1:26 PM IST

घरेलू शेयर बाजार का प्रदर्शन इस संवत् में बीते सात साल में (संवत् 2071 से) सबसे खराब रहा है। इस दौरान प्रमुख सूचकांकों निफ्टी 50 और बीएसई सेंसेक्स में करीब 2-2 फीसदी की गिरावट आई है। इससे पहले संवत् 2071 में बीएसई सेंसेक्स में 4 फीसदी और निफ्टी में 3 फीसदी की गिरावट आई थी।
 संवत् 2078 में बाजार में व्यापक गिरावट मुख्य रूप से बीएसई मिडकैप सूचकांक की वजह से आई। इस दौरान मिडकैप सूचकांक में करीब 3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि बीएसई स्मॉलकैप का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा और यह 1 फीसदी लाभ में रहा।

 विश्लेषकों का कहना है कि संवत् 2078 में शेयर बाजार के खराब प्रदर्शन की कई वजहें हैं। इनमें भू-राजनीतिक समस्या, ऊंची मुद्रास्फीति (खास तौर पर खाद्य एवं ईंधन) और केंद्रीय बैंकों विशेषकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व का सतर्क रुख अहम है। विश्लेषकों ने आगाह करते हुए कहा कि निकट अव​धि में बाजार के लिए अभी बुरा दौर खत्म नहीं हुआ है।

हालांकि उन्होंने कहा कि गिरावट पर लंबे समय तक निवेश बनाए रखने के लिए गुणवत्तापूर्ण शेयरों को खरीदने का अच्छा समय होगा। हालांकि तमाम नकारात्मक खबरों के बीच सभी आ​र्थिक मानदंडों (पूंजीगत व्यय, गैर-जरूरी खपत, बैंकिग गतिवि​धियों में तेजी आदि) में भारत का प्रदर्शन वै​श्विक अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर रहा है। शेयर बाजार में भी यह प्रतिबिंबित होता है।

एचएसबीसी में ए​शिया प्रशांत के लिए इ​क्विटी स्ट्रैटजी प्रमुख हेरल्ड वेन डेर लिंडे ने अमित सचदेव और अनुराग दयाल के साथ हाल में लिखे गए नोट में कहा है, ‘अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सतर्क रुख, अन्य मुद्राओं की तुलना में डॉलर के मजबूत होने और अमेरिका तथा यूरो जोन में मंदी की आशंका के साथ भू-राजनीतिक अनि​श्चितता से निकट अव​धि में इक्विटी बाजार  के लिए नकारात्मक परिदृश्य दिख रहा है।
भारत भी इस जो​खिम से बचा नहीं रह सकता लेकिन कई सकारात्मक पहलू भी हैं जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच खरीदारी का अच्छा मौका मिल सकता है। ‘ इस बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने संवत् 2078 में देसी शेयर बाजार में करीब 2 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। दूसरी ओर घरेलू म्युचुअल फंडों, बीमा कंपनियों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों, पेंशन फंडों सहित घरेलू संस्थागत निवेशकों ने इस दौरान 3.2 लाख करोड़ रुपये की लिवाली की है।

संवत् 2078 में बीएसई 500 सूचकांक में शामिल करीब आधे या 207 शेयरों का प्रदर्शन बेहतर रहा है, जिनमें से 143 शेयरों में 10 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। रक्षा क्षेत्र से जुड़े सार्वजनिक उपक्रमों, अदाणी और टाटा समूह के शेयरों ने इस सेगमेंट में अच्छा प्रदर्शन किया है।
 अदाणी पावर, अदाणी टोटाल गैस और अदाणी एंटरप्राइजेज और दो पीएसयू- भारत डायनैमिक्स और मझगांव डॉक ​शिपबिल्डर्स का बाजार मूल्य संवत् 2078 के दौरान करीब दोगुना से भी अ​धिक हो गया। सेंसेक्स और निफ्टी में शामिल आईटीसी और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा में क्रमश: 57 फीसदी और 47 फीसदी की तेजी आई है।

 उद्योग की बात करें तो बिजली सूचकांक में सबसे ज्यादा (39 फीसदी) कर तेजी आई। इसके बाद पूंजीगत वस्तुओं और एफएमसीजी (15 फीसदी) और वाहन सूचकांक में 14 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। हालांकि रियल्टी सूचकांक में 22 फीसदी की गिरावट आई। इसी तरह आईटी में 17 फीसदी, धातु में 9 फीसदी, स्वास्थ्यसेवा में 7 फीसदी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सूचकांक में 5 फीसदी की गिरावट आई।

ऐ​क्सिस सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का कहना है कि संवत् 2079 में भी घरेलू शेयर बाजार का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा। हालांकि विकसित देशों के लिए ऊंची मुद्रास्फीति बड़ी चुनौती बनी हुई है लेकिन घरेलू बाजार में इसे नियंत्रण में आने की उम्मीद है।
उन्होंने हाल ही में नोट में लिखा है, ‘बैंकों, एफएमसीजी, वाहन, अस्पतालों और गैर-जरूरी खपत वाले क्षेत्र की कंपनियों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहेगा। आने वाली तिमाहियों में भी यह रुझान जारी रहेगा।’ आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा अवसरों को देखते हुए भारतीय उद्योग जगत की आय अगले दो साल में 15 फीसदी से ज्यादा रहेगी।

First Published - October 20, 2022 | 10:43 PM IST

संबंधित पोस्ट