फेड की नरम नीति और घरेलू संस्थानों की मजबूत खरीदारी के बीच दूसरी छमाही में स्मार्ट रिकवरी के दम पर 22 मार्च को समाप्त सप्ताह में बाजार तेजी के साथ बंद हुआ।
भारतीय बाजारों में सुधार से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की बिकवाली में तेजी देखी गई। एफओएमसी बैठक के नतीजों से पहले सप्ताह के पहले भाग में बाजार सतर्क था, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा CY24 के लिए आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाने और ब्याज दरों को वही बनाए रखने के बाद मूड तेजी के पक्ष में हो गया।
एक्सपर्ट्स की मानें तो आने वाली हफ्ते में बाजार सीमित और अस्थिर रहने की उम्मीद है, बाजार में कुछ छुट्टियों का असर भी देखने को मिल सकता है। वहीं अगले हफ्ते बाजार का फोकस अमेरिकी जीडीपी आंकड़ों पर भी होगा।
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तेजी पर रहा बाजार
आखिरी कारोबारी हफ्ते की बात करें तो बीएसई सेंसेक्स 0.3 प्रतिशत बढ़कर 72,832 पर और निफ्टी 50 0.3 प्रतिशत बढ़कर 22,097 पर बंद हुआ, जबकि पिछले सप्ताह में गंभीर सुधार के बाद व्यापक बाजारों में तेजी आई, क्योंकि निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 1.4 प्रतिशत चढ़ गया।
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अधिकांश बाजार में उतार-चढ़ाव
तकनीकी और एफएमसीजी को छोड़कर अधिकांश क्षेत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव रहा।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि बाजार भागीदार वैश्विक सूचकांकों, खासकर अमेरिकी बाजारों से संकेत लेना जारी रखेंगे, जो हर गुजरते हफ्ते के साथ मजबूती की ओर बढ़ रहे हैं।
बता दें, 25 मार्च को होली और 29 मार्च को गुड फ्राइडे के कारण बाजार बंद रहेगा।