facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

‘शेयरधारकों की हो बैठक’

Last Updated- December 11, 2022 | 3:50 PM IST

नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के मुंबई पीठ ने बुधवार को ज़ी एंटरटेनमेंट को निर्देश दिया कि वह कल्वर मैक्स एंटरटेनमेंट (पूर्व में सोनी पिक्चर्स नेटवर्क) के साथ विलय को मंजूरी देने के लिए 14 अक्टूबर को शेयरधारकों की बैठक आयोजित करे। यह आदेश 24 अगस्त को पारित हुआ था, लेकिन एक्सचेंजों  पर बुधवार को अपलोड किया गया। इससे पहले भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग कह चुका है कि 10 अरब डॉलर का विलय सौदा प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचा सकता है। आयोग ने कहा था कि इस विलय की विस्तृत जांच की दरकार है।

एनसीएलटी के आदेश में कहा गया है, ट्रिब्यूनल आदेश देता है कि आवेदक कंपनी (ज़ी) 14 अक्टूबर, 2022 को शाम चार बजे इक्विटी शेयरधारकों की बैठक बुलाए ताकि प्रस्तावित विलय की योजना को मंजूरी देने पर विचार किया जा सके। ज़ी एंटरटेनमेंट के प्रवक्ता ने बुधवार को जारी बयान में इन्हीं तथ्यों को दोहराया है। पिछले हफ्ते ज़ी ने अपना शुरुआती आकलन सार्वजनिक होने के बाद सीसीआई को ताजा टीवी दर्शकों के आंकड़ों का हवाला देते हुए पत्र लिखकर कहा था कि विलय के बाद बनने वाली इकाई की बाजार हिस्सेदारी कम होगी और इससे शक्ति का संकेंद्रण नहीं होगा।

ज़ी ने टीवी दर्शकों के मार्च 2022 में समाप्त वित्त वर्ष और मौजूदा वित्त वर्ष के आंकड़े जमा कराए थे। आंकड़े बताते हैं कि विलय के बाद बनी इकाई के चार चैनलों की हिस्सेदारी मार्च 2021 में समाप्त वित्त वर्ष के मुकाबले घटी, जिस आंकड़े का इस्तेमाल सीसीआई ज़ी-सोनी विलय की जांच के लिए कर रहा था। कुछ कानूनी विशेषज्ञों ने कहा है कि प्रस्तावित विलय आगे बढ़  सकता है अगर ये समायोजन कर लिए जाएं। एनसीएलटी का आदेश ज़ी की उस घोषणा के एक महीने बाद आया है जिसमें उसने कहा था कि बीएसई व एनएसई ने सोनी संग विलय को मंजूरी दे दी है और इस तरह से विलय प्रक्रिया को अगले चरण में ले जाने का रास्ता साफ हो गया है।

पिछले साल दिसंबर में कंपनियों ने ज़ी का विलय सोनी के साथ करने और अपने टीवी नेटवर्क, डिजिटल परिसंपत्तियों, उत्पादन परिचालन और प्रोग्राम लाइब्रेरी को एकीकृत करने के लिए करार पर हस्ताक्षर किए थे। यह सौदा भारत में डिज्नी-स्टार के बाद दूसरा सबसे बड़ा एंटरटेनमेंट नेटवर्क सृजित कर देगा। विश्लेषकों ने ये बातें कही थी। विलय के बाद बनने वाली इकाई ज़ी की शेयर बाजार में  सूचीबद्ध‍ता को बनाए रखेगी, हालांकि सोनी काफी नकदी निवेशकरेगी और बहुलांश यानी करीब 51 फीसदी शेयरधारिता पर नियंत्रण रखेगी।

ज़ी के पुनीत गोयनका संयुक्त इकाई के प्रबंध निदेशक व सीईओ होंगे। निदेशक मंडल में बहुलांश सदस्यों का नामांकन सोनी समूह करेगा और उसमें मौजूदा एमडी व सीईओ एनपी सिंह शामिल होंगे।

First Published - September 7, 2022 | 10:21 PM IST

संबंधित पोस्ट