इस साल के शुरू में वाहन कलपुर्जा निर्माता मदरसन सूमी के पुनर्गठन के बाद दो सूचीबद्ध इकाइयों ने सूचीबद्धता से विपरीत प्रदर्शन किया है। जहां वैश्विक परिचालन करने वाली संवर्द्धन मदरसन इंटरनैशनल (एसएएमआईएल) का शेयर पिछले 6 महीने में 25 प्रतिशत कमजोर हुआ है, वहीं मदरसन सूमी वायरिंग इंडिया (एमएसडब्ल्यूआईएल) ने इस अवधि में 29 प्रतिशत की तेजी के साथ शानदार प्रदर्शन किया।
जहां एमएसडब्ल्यूआईएल वायरिंग सॉल्युशन प्रदाता है और घरेलू वाहन निर्माताओं की जरूरतें पूरी करती है, वहीं एसएएमआईएल के उत्पाद वैश्विक वाहन कंपनियों को आपूर्ति किए जाते हैं, जिनमें विजन सिस्टम्स (मिरर्स) प्लास्टिक बॉडी पार्ट और वायरिंग हार्नेस मुख्य रूप से शामिल हैं।
एक ताजा रिपोर्ट में, आईसीआईसीआई डायरेक्ट रिसर्च के शशांक कनोडिया और राघवेंद्र गोयल ने निवेशकों को अपना निवेश एसएएआईएल से निकालकर एमएसडब्ल्यूआईएल में लगाने का सुझाव दिया है।
जहां एसएएमआईएल को वैश्विक बाजारों में कई तरह की अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ रहा है, वहीं निवेश में बदलाव का कारण घरेलू बाजार में अधिक स्थिर मांग परिवेश है। उनका कहना है कि एसएएमआईएल के शेयर पर पिछले समय में उसके वैश्विक बाजारों में मांग और आपूर्ति दबाव से जुड़ी चिंताओं के बीच समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
मांग और आपूर्ति, दोनों से जुड़ी इन चिंताओं का असर सितंबर तिमाही में दिखा है। आईआईएफएल सिक्योरिटीज के जोसफ जॉर्ज के नेतृत्व में विश्लेषकों का कहना है, ‘हाल के तिमाहियों में, मदरसन पर वैश्विक रूप से कम कार उत्पादन के साथ साथ लागत में वृद्धि और इसका बोझ ग्राहकों पर नहीं डाले जाने की वजह से प्रभाव पड़ा। दूसरी तिमाही में ऊर्जा लागत में कीमतें और बढ़ी हैं।’
ब्रोकरेज फर्म को मार्जिन में तिमाही आधार पर कुछ सुधार आने, ओईएम ग्राहकों के साथ कीमत मोलभाव को लेकर सफलता मिने की संभावना है। मार्जिन को पूरी तरह सामान्य बनाए जाने में कुछ तिमाहियों का समय लग सकता है। आईआईएफएल रिसर्च ने इस कंपनी पर खरीदें रेटिंग दी है, लेकिन एसएएमआईएल के पहली तिमाही के नतीजे के बाद वित्त वर्ष 2023 के लिए अपने आय अनुमान को वित्त 30 प्रतिशत तक और वित्त वर्ष 2024 के लिए 13 प्रतिशत तक घटा दिया। कंपनी द्वारा लागत वृद्धि का बोझ ग्राहकों पर डालने में विलंब को भी इसके लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।
हालांकि एसएएमआईएल के लिए अल्पावधि परिदृश्य को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है, लेकिन कंपनी छोटे आकार के अधिग्रहण बरकरार रखेगी। हाल में, उसने ऑटोमोटिव मिरर की जापानी निर्माता इचिको इंडस्ट्रीज का 300 करोड़ रुपये की उद्यम वैल्यू (ईवी) में अधिग्रहण किया है। हालांकि यह सौदा परिचालन लाभ की 4 गुना ईवी पर है और 0.3 गुना बिक्री आकर्षक है (इचिको ने बिक्री में 900 करोड़ रुपये और 75 करोड़ रुपये परिचालन लाभ के तौर पर हासिल किए), लेकिन इससे बिक्री या शुद्ध लाभ पर ज्यादा प्रभाव नहीं पड़ेगा।
हालांकि ऐक्सिस सिक्योरिटीज का मानना है कि यह सौदा लाभदायक है, क्योंकि इससे जापान में एसएएमआईएल की उपस्थिति बढ़ेगी। जापान की कंपनी के वैश्विक कार उत्पादन में 30 प्रतिशत योगदान है और इस सौदे से उसके ग्राहक आधार में विविधता आएगी तथा निर्माण और शोध एवं विकास आधार तक पहुंच हासिल होगी।
अल्पावधि चिंताओं के बीच एसएएमआईएल के लिए मुख्य सकारात्मक बदलाव है उसका उत्पाद प्रोफाइल (मिरर, प्लास्टिक बॉडी और वायरिंग हार्नेस), जो ईवी बदलाव से जुड़ा हुआ है। बाजार की नजर जिन बदलावों पर लगी रहेगी,वे हैं – दुनियाभर में उसके नए संयंत्रों पर बढ़ते इस्तेमाल स्तर और वैश्विक दक्षता, क्योंकि मांग में सुधार आने लगा है।
एमएसडब्ल्यूआईएल के लिए, मांग और परिदृश्य, दोनों मोर्चों पर संभावनाएं मजबूत बनी हुई हैं। जहां यात्री वाहन और दोपहिया उत्पादन (थोक बिक्री) सितंबर तिमाही में 12-14 प्रतिशत तक बढ़ा। कंपनी बिक्री में तिमाही आधार पर वृद्धि की उम्मीद कर रही है। जहां एसएएमआईएल द्वारा तिमाही आधार पर सपाट वृद्धि दर्ज किए जाने की संभावना है, वहीं एमएसडब्ल्यूआईएल 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर सकती है।
आईआईएफएल रिसर्च का कहना है कि लागत वृद्धि ग्राहकों पर डालने की क्षमता में सुधार और परिचालन दक्षता अनुकूल हैं। एमएसडब्ल्यूआईएल का परिचालन मुनाफा मार्जिन एसएएमआईएल के मुकाबले करीब दोगुना है।
एमएसडब्ल्यूआईएल ने वित्त वर्ष 2010-वित्त वर्ष 2022 के बीच 15 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि के साथ घरेलू वाहन बाजार के मुकाबले शानदार प्रदर्शन किया। इस अवधि में वाहन उद्योग ने 9 प्रतिशत की राजस्व वृद्धि दर्ज की। रौनक शारदा और पूर्वी बांका को भविष्य में भी मजबूती का यह रुझान बरकरार रहने का अनुमान है।
महंगे उत्पादों की लगातार खरीदारी के अलावा, वाहन उद्योग में बदलते रुझानों, जैसे विद्युतीकरण, कनेक्टेड मोबिलिटी और सेल्फ ड्राइविंग व्हीकल से वायरिंग हार्नेस उद्योग में अवसर बढ़ने की संभावना है। इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) वायरिंग हार्नेस उद्योग को हाई वोल्टेज वायरिंग हार्नेस की जरूरत होती है जिससे उनके इंटरनल कम्बश्चन इंजन वाले वाहनों के मुकाबले प्रति वाहन में वायरिंग हार्नेस कंटेंट में 20-30 प्रतिशत का इजाफा हो रहा है।