म्युचुअल फंड

AMFI का बड़ा फेरबदल, Small Cap से Large Cap तक बदलेगी 30 से ज्यादा शेयरों की कैटेगरी

स्मॉल कैप सेगमेंट में कम से कम 20 नए नाम जुड़ेंगे। ये सभी स्टॉक एक्सचेंजों पर नए लिस्टेड स्टॉक हैं

Published by
अभिषेक कुमार   
Last Updated- May 07, 2026 | 4:53 PM IST

AMFI Reclassification 2026: म्युचुअल फंड इंडस्ट्री में लार्ज कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप निवेश कैटेगरी में बड़ा फेरबदल होने जा रहा है। उम्मीद है कि जुलाई के पहले सप्ताह में एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) द्वारा जारी की जाने वाली रिक्लासिफिकेशन लिस्ट में 30 से ज्यादा शेयरों की मार्केट कैपिटलाइजेशन (MCap) कैटेगरी बदल सकती है। बता दें कि उद्योग निकाय हर 6 महीने में यह लिस्ट जारी करता है।

लार्ज कैप की सीमा बढ़ी, मिड कैप की घटी

नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के विश्लेषण के अनुसार, आगामी रिक्लासिफिकेशन में लार्ज कैप की सीमा लगभग 1.06 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो जनवरी 2026 में हुए पिछले पुनर्गठन के दौरान 1.05 लाख करोड़ रुपये थी। वहीं, मिड कैप की सीमा घटकर लगभग 32,300 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो पहले 34,800 करोड़ रुपये थी। ये अनुमान 5 मई 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं।

Also Read: Groww MF का नया ETF लॉन्च: ₹500 से टॉप-10 प्राइवेट बैंकों में निवेश का मौका

मिड से लार्ज कैप बनने वाले शेयर

मिड कैप से लार्ज कैप कैटेगरी में अपग्रेड होने वाली संभावित कंपनियों में बीएसई, जिंदल स्टील एंड पावर और हिताची एनर्जी इंडिया शामिल हैं। मौजूदा लार्ज कैप कंपनियों में से इंडियन होटल्स कंपनी, लोढ़ा डेवलपर्स और मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट के मिड कैप कैटेगरी में खिसकने की संभावना है।

स्मॉल से मिड कैप बनने वाले शेयर

इस बीच, हिंदुस्तान कॉपर, एनएलसी, एआईए इंजीनियरिंग, अजंता फार्मा और डेल्हीवेरी के स्मॉल कैप से मिड कैप कैटेगरी में जाने की संभावना है, जबकि केयन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, एसजेवीएन, ग्लोबल हेल्थ और फिजिक्सवाला जैसी मिड कैप कंपनियां स्मॉल कैप कैटेगरी में शामिल हो सकती हैं।

इसके अलावा, स्मॉल कैप सेगमेंट में कम से कम 20 नए नाम जुड़ेंगे। ये सभी स्टॉक एक्सचेंजों पर नए लिस्टेड स्टॉक हैं।

Smallcap to Midcap Midcap to Smallcap Midcap to Largecap Largecap to Midcap
Hindustan Copper Kaynes Technology India BSE Indian Hotels Co.
NLC India SJVN Jindal Steel Lodha Developers
AIA Engineering Global Health Hitachi Energy India Max Healthcare Institute
Ajanta Pharma PhysicsWallah Indian Bank* Mazagon Dock
Aster DM Healthcare Cholamandalam Fin. Shipbuilders* Siemens Energy India
Sona BLW Precision Forgings* K.P.R. Mill.* Billionbrains Garage Ventures* LG Electronics India*
Delhivery* Crisil* Vodafone Idea* Bosch*
Navin Fluorine International* Hexaware Technologies* Indus Towers*
Central Bank of India* Godrej Industries.*

स्रोत: नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च (ये अनुमान 5 मई 2026 तक के आंकड़ों पर आधारित हैं।)

Also Read: SBI MF ने लॉन्च किए 2 नए ETF: वैल्यू और स्मॉलकैप पर दांव, किसे करना चाहिए निवेश?

MCap कैटेगरी बदलने का असर

AMFI हर साल जनवरी और जुलाई में स्टॉक क्लासिफिकेशन लिस्ट को अपडेट करती है। छह महीने के औसत मार्केट कैप के आधार पर टॉप-100 शेयरों को लार्ज कैप, अगले 150 को मिड कैप और बाकी को स्मॉल कैप के रूप में बांटा जाता है। अपटेडेट लिस्ट 1 अगस्त, 2026 से प्रभावी होगी।

हालांकि कैटेगरी में बदलाव होने से अपने-आप फंड में इनफ्लो या निकासी नहीं होती, लेकिन एक्टिव फंड मैनेजर पोर्टफोलियो आवंटन और निवेश रणनीति में बदलाव करते समय इन संशोधनों पर करीबी नजर रखते हैं।

First Published : May 7, 2026 | 4:53 PM IST