म्युचुअल फंड

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच इक्विटी में ₹26,000 करोड़ का निवेश, ब्रोकरेज ने बताए पसंदीदा AMC स्टॉक्स

बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद इक्विटी और हाइब्रिड फंड में निवेश जारी, म्यूचुअल फंड उद्योग का एयूएम बढ़कर 82 लाख करोड़ रुपये

Published by
देवव्रत वाजपेयी   
Last Updated- March 12, 2026 | 11:28 AM IST

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के माहौल के बावजूद निवेशकों का भरोसा म्युचुअल फंड पर कायम है। एंटीक स्टॉक ब्रोकरेज की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी 2026 में भी निवेशकों ने इक्विटी और हाइब्रिड फंडों में लगातार पैसा लगाया, जिससे म्युचुअल फंड उद्योग की कुल संपत्ति यानी एयूएम बढ़कर लगभग 82 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह पिछले महीने के मुकाबले करीब 1.3 प्रतिशत और पिछले साल की तुलना में 27 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है।

बाजार की उथल-पुथल के बीच भी इक्विटी में निवेश जारी

रिपोर्ट के अनुसार फरवरी में इक्विटी म्युचुअल फंड में करीब 26,000 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश आया। यह जनवरी के मुकाबले लगभग 8 प्रतिशत ज्यादा है। बाजार में अस्थिरता के बावजूद निवेशकों का रुझान इक्विटी की ओर बना रहना इस बात का संकेत है कि लंबी अवधि के निवेश को लेकर भरोसा मजबूत है।

वहीं हाइब्रिड फंड (आर्बिट्राज को छोड़कर) में निवेश घटकर लगभग 11,400 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि यह गिरावट इसलिए दिखी क्योंकि पिछले महीने निवेश बहुत ज्यादा था।

मिडकैप और स्मॉलकैप फंड बने निवेशकों की पसंद

इक्विटी फंड में फ्लेक्सीकैप फंड में सबसे ज्यादा पैसा आया। इनमें करीब 6,900 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप फंड में भी निवेश बढ़ा। मिडकैप फंड में करीब 4,000 करोड़ रुपये और स्मॉलकैप फंड में करीब 3,880 करोड़ रुपये का निवेश आया। इससे पता चलता है कि निवेशक अभी भी ज्यादा बढ़त वाले क्षेत्रों में पैसा लगा रहे हैं। लार्ज एंड मिडकैप फंड में करीब 3,100 करोड़ रुपये और लार्जकैप फंड में लगभग 2,100 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। वहीं सेक्टोरल और थीमैटिक फंड में भी निवेश बढ़ा, क्योंकि कई नए फंड लॉन्च हुए और निवेशकों की इन थीम वाले फंडों में दिलचस्पी बढ़ी।

सुरक्षित विकल्पों की ओर भी रुझान

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच कई निवेशक अपना पैसा अलग-अलग जगह लगाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि जोखिम कम रहे। इसी वजह से फरवरी में गोल्ड ईटीएफ में करीब 5,260 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। यह जनवरी के रिकॉर्ड निवेश (24,020 करोड़ रुपये)से कम है।

एसआईपी निवेश ने दिखाई मजबूती

म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश फरवरी में भी लगभग 29,800 करोड़ रुपये के आसपास बना रहा। एसआईपी के जरिए निवेश की कुल रकम बढ़कर करीब 16.64 लाख करोड़ रुपये हो गई, जो पूरे म्यूचुअल फंड उद्योग की कुल संपत्ति का लगभग 20 प्रतिशत है। एसआईपी खातों की संख्या थोड़ी घटकर 9.44 करोड़ रह गई। रिपोर्ट के अनुसार ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि फरवरी छोटा महीना था और कुछ किस्तें मार्च में चली गईं। इसके बावजूद लोगों का नियमित निवेश जारी है।

नए निवेश उत्पादों में भी तेजी

फरवरी में स्पेशल इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) में भी निवेश बढ़ा। इस कैटेगरी में करीब 3,130 करोड़ रुपये का निवेश आया। इससे इन फंडों की कुल संपत्ति बढ़कर लगभग 9,700 करोड़ रुपये हो गई। इस दौरान तीन नई निवेश योजनाएं भी शुरू की गईं।

किन स्टॉक्स पर मेहरबान ब्रोकरेज?

एंटीक ब्रोकरेज का कहना है कि बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव आते रह सकते हैं। लेकिन रिटेल निवेशकों की लगातार भागीदारी और एसआईपी के जरिए नियमित निवेश यह दिखाता है कि म्यूचुअल फंड उद्योग की नींव मजबूत है। रिपोर्ट के मुताबिक आने वाले सालों में एसेट मैनेजमेंट कंपनियों का कारोबार तेजी से बढ़ सकता है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि एयूएम में 14 से 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि राजस्व और मुनाफा हर साल 12 से 18 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है। ब्रोकरेज ने इस सेक्टर में आईसीआईसीआई एएमसी और निप्पॉन एएमसी को अपनी पसंदीदा कंपनियां बताया है।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई राय ब्रोकरेज की है। बिज़नेस स्टैंडर्ड इन विचारों से सहमत होना जरूरी नहीं समझता और निवेश से पहले पाठकों को अपनी समझ से फैसला करने की सलाह देता है।

First Published : March 12, 2026 | 11:19 AM IST