एचडीएफसी म्युचुअल फंड ने गुरुवार को एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ (HDFC Gold ETF) और एचडीएफसी गोल्ड ईटीएफ फंड ऑफ फंड (HDFC Gold ETF Fund of Fund) में लंपसम सब्सक्रिप्शन पर अस्थायी रोक लगाने की घोषणा की। फंड हाउस ने कहा कि मौजूदा आर्थिक और बाजार परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। यह प्रतिबंध अगली सूचना तक प्रभावी रहेगा।
एचडीएफसी म्युचुअल फंड ने अपने बयान में कहा, “व्यापक आर्थिक और बाजार स्थितियों को देखते हुए HDFC Gold ETF और HDFC Gold ETF Fund of Fund में लंपसम सब्सक्रिप्शन को अगली सूचना तक अस्थायी रूप से प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है।”
HDFC Gold ETF के मामले में, बड़े निवेशकों द्वारा सीधे एचडीएफसी म्युचुअल फंड के साथ किए जाने वाले सब्सक्रिप्शन लेनदेन 8 जून 2026 से स्वीकार नहीं किए जाएंगे। यह प्रतिबंध कम से कम 25 करोड़ रुपये के निवेश पर लागू होगा।
वहीं, HDFC Gold ETF Fund of Fund में एकमुश्त खरीद (लंपसम निवेश) और स्विच-इन लेनदेन को प्रति पैन (PAN) प्रति कैलेंडर माह 10 लाख रुपये की सीमा तक ही स्वीकार किया जाएगा। यह सीमा फर्स्ट होल्डर (First Holder) के स्तर पर लागू होगी। फंड ऑफ फंड स्कीम के लिए यह नियम 5 जून 2026 को दोपहर 3 बजे के बाद प्राप्त होने वाले लेनदेन पर प्रभावी होगा।
फंड हाउस ने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों के अलावा दोनों स्कीमों की अन्य सभी शर्तें और नियम पहले की तरह बरकरार रहेंगे।
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HDFC Gold ETF को 13 अगस्त 2010 को लॉन्च किया गया था। 31 मई 2026 तक इस स्कीम का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 24,233.15 करोड़ रुपये था। पिछले एक साल में इस फंड ने 57.45 फीसदी का रिटर्न दिया है, जबकि लॉन्च के बाद से इसका सीएजीआर (CAGR) 13.26 फीसदी रहा है। आम परिस्थितयों में इस फंड में निवेशक मिनिमम 5000 रुपये से निवेश कर सकते हैं। वहीं, SIP के लिए मिनिमम निवेश 100 रुपये है।
गौरतलब है कि पिछले महीने एचडीएफसी म्युचुअल फंड ने अपने HDFC Gold-Silver Passive Fund of Fund के न्यू फंड ऑफर (NFO) को वापस ले लिया था। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया था, जब सरकार की ओर से सोने के आयात और उसके भारत के बाह्य खाते (External Account) पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर नीतिगत स्तर पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।