आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) और दो अन्य संस्थाओं ने वेंचर कैपिटल स्कीम को बंद करने और निवेशकों को राशि बांटने में देरी से जुड़े नियमों के उल्लंघन के मामले को सेबी के साथ 14.35 लाख रुपये का भुगतान कर सुलझा लिया है।
आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल AMC के अलावा, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वेंचर कैपिटल फंड और आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल ट्रस्ट ने सेबी के पास अपने आप (suo-motu) से सेटलमेंट आवेदन दायर किए। उन्होंने कथित उल्लंघनों को “तथ्यों और कानूनी निष्कर्षों को स्वीकार या खारिज किए बिना” सुलझाने का प्रस्ताव दिया।
यह मामला आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल वेंचर कैपिटल फंड द्वारा लॉन्च की गई एक स्कीम– ICICI Prudential Venture Capital Fund- Real Estate Scheme-I– से जुड़ा है। सेबी ने 16 अप्रैल के अपने आदेश में बताया कि यह स्कीम 26 सितंबर 2013 से चार साल की शुरुआती अवधि के साथ शुरू की गई थी, जिसमें एक-एक साल के दो विस्तार का प्रावधान था।
इसके बाद, इस अवधि को बढ़ाकर सितंबर 2019 तक कर दिया गया। फिर स्कीम की अवधि को दो-दो साल के दो और विस्तार दिए गए, जिससे यह 25 सितंबर 2023 तक चली, जब यह अंततः समाप्त हुई। सभी निवेशों का परिसमापन (liquidation) और निकास (exit) 25 दिसंबर 2023 को पूरा हुआ।
सेबी ने कहा कि इसके चलते निवेशकों को राशि वितरित करने से पहले स्कीम को बंद करने (वाइंडिंग-अप) की प्रक्रिया में लगभग चार साल की देरी हुई।
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आवेदकों ने कथित उल्लंघनों के लिए उनके खिलाफ शुरू की जा सकने वाली कार्यवाही को निपटाने के लिए ये सेटलमेंट आवेदन दायर किए। सेटलमेंट आवेदन मिलने के बाद, सेबी की समिति ने सिफारिश की कि आवेदक संयुक्त रूप से 14.35 लाख रुपये का भुगतान करें। इसके बाद आवेदकों ने यह राशि जमा कर दी।
सेबी ने कहा, “…इस आदेश के तहत उल्लंघनों से जुड़ी जो भी कार्यवाही शुरू की जा सकती थी, उसे आवेदकों के संदर्भ में निपटा दिया गया है।”
(PTI इनपुट के साथ)