NFO Alert: आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड ने मंगलवार को अपने स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) प्लेटफॉर्म के तहत दो नई निवेश रणनीतियों की शुरुआत की घोषणा की है। इनमें iSIF एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्ट फंड (iSIF Active Asset Allocator Long-Short Fund) और iSIF इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड (iSIF Equity Long-Short Fund) शामिल हैं। फंड हाउस के मुताबिक, इन दोनों रणनीतियों के लिए न्यू फंड ऑफर (NFO) में सब्सक्रिप्शन 19 मई से खुल चुके हैं और यह 2 जून तक निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
iSIF एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्ट फंड एक इंटरवल निवेश रणनीति है, जो इक्विटी, डेट, कमोडिटी डेरिवेटिव्स और InvITs जैसे विभिन्न एसेट क्लास में डायनेमिकली निवेश करेगी। यह रणनीति डेरिवेटिव आधारित पोजिशन के जरिये सीमित शॉर्ट एक्सपोजर भी ले सकेगी।
फंड हाउस के अनुसार, इस रणनीति में डेरिवेटिव्स के जरिये 100 फीसदी तक एक्सपोजर लिया जा सकेगा, जबकि अनुमति प्राप्त इंस्ट्रूमेंट्स के माध्यम से नेट एसेट्स के 25 फीसदी तक अनहेज्ड शॉर्ट पोजिशन लेने की भी अनुमति होगी। इस रणनीति का बेंचमार्क 50 फीसदी निफ्टी 500 TRI, 40 फीसदी निफ्टी कंपोजिट डेट इंडेक्स, 7 फीसदी घरेलू सोने की कीमतों और 3 फीसदी घरेलू चांदी की कीमतों के मिक्स इंडेक्स पर आधारित होगा।
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निवेश का मकसद हासिल करने के लिए यह फंड एक्टिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर चलेगा। इस निवेश रणनीति का मुख्य उद्देश्य कंपनियों के इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट में निवेश के जरिये लॉन्ग टर्म में कैपिटल ग्रोथ हासिल करना है। साथ ही डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश के माध्यम से रेगुलर इनकम जनरेट करना भी इसका लक्ष्य है। यह निवेश रणनीति एक्सचेंज ट्रेडेड कमोडिटी डेरिवेटिव्स और InvITs की यूनिट्स में भी निवेश कर सकेगी। बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए यह रणनीति पोर्टफोलियो के इक्विटी हिस्से का एक्टिव रूप से रीबैलेंस भी करेगी।
वहीं, iSIF इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड एक ओपन-एंडेड इक्विटी रणनीति है, जो लिस्टेड इक्विटी और इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश करेगी। इसमें डेरिवेटिव्स के माध्यम से शॉर्ट एक्सपोजर लेने की भी सुविधा होगी। यह रणनीति विभिन्न मार्केट कैपिटलाइजेशन, सेक्टर और निवेश शैलियों में मौजूद अवसरों पर फोकस करेगी।
फंड हाउस के अनुसार, इस रणनीति का निवेश दायरा 650 से ज्यादा कंपनियों तक फैला हुआ है और यह विदेशी इक्विटी एवं इक्विटी से जुड़े इंस्ट्रूमेंट्स में 35 फीसदी तक निवेश कर सकती है। इस स्कीम का बेंचमार्क निफ्टी 500 TRI होगा।
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निवेश का मकसद हासिल करने के लिए यह फंड भी एक्टिव इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी पर चलेगा। यह निवेश रणनीति बॉटम-अप और टॉप-डाउन निवेश अप्रोच अपनाएगी। इसके तहत कारोबार की बुनियादी मजबूती, उद्योग संरचना, प्रबंधन की गुणवत्ता, प्रमुख आय कारकों समेत अन्य पहलुओं के आधार पर कंपनियों में निवेश पर विचार किया जाएगा। रणनीति का उद्देश्य विभिन्न मार्केट कैप और अलग-अलग सेक्टरों की कंपनियों में निवेश करना है।
निवेश रणनीति अपने उद्देश्यों को हासिल करने के लिए डिफेंसिव या अवसरवादी रणनीतियां भी अपना सकती है। इसमें शेयरों, शेयरों के बास्केट और विभिन्न स्टॉक/इंडेक्स डेरिवेटिव्स के जरिये लॉन्ग और शॉर्ट दोनों तरह के एक्सपोजर लिए जा सकेंगे। इसके अलावा, यह रणनीति हेजिंग, पोर्टफोलियो संतुलन और नियामकीय प्रावधानों के तहत अनुमत अन्य उद्देश्यों के लिए विभिन्न डेरिवेटिव साधनों का उपयोग कर सकेगी।
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दोनों रणनीतियों में पहली बार SIF कैटेगरी में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश राशि 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। वहीं, जो निवेशक पहले से SIF कैटेगरी में निवेश कर चुके हैं और न्यूनतम निवेश सीमा को पूरा करते हैं, वे 10,000 रुपये से निवेश शुरू कर सकते हैं।
iSIF एक्टिव एसेट एलोकेटर लॉन्ग-शॉर्ट फंड के फंड मैनेजर इहाब दलवाई, शर्मिला डिसिल्वा, मासूमी झुरमवाला, मनीष बंथिया, अखिल कक्कड़ और गौरव चिकने हैं। वहीं, iSIF इक्विटी लॉन्ग-शॉर्ट फंड के फंड मैनेजर मित्तुल कलावड़िया, नित्या मिश्रा और श्री शर्मा करेंगे।
(डिस्क्लेमर: यहां एनएफओ की डीटेल दी गई है। ये निवेश की सलाह नहीं है। म्युचुअल फंड में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)