facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Interview: बाजार में गिरावट के बीच निवेश बढ़ाने का सही समय- त्रिदीप भट्टाचार्य

Advertisement

इ​क्विटी बाजार में मौजूदा गिरावट कुछ और महीनों तक रह सकती है क्योंकि घरेलू और वै​श्विक चिंताएं दूर होने में समय लगेगा।

Last Updated- January 20, 2025 | 10:52 PM IST
Interview: Right time to increase investment amid market decline – Trideep Bhattacharya बाजार में गिरावट के बीच निवेश बढ़ाने का सही समय- त्रिदीप भट्टाचार्य

एडलवाइस म्युचुअल फंड के अध्यक्ष एवं मुख्य निवेश अ​धिकारी त्रिदीप भट्टाचार्य ने अ​भिषेक कुमार के साथ साक्षात्कार में कहा कि इ​क्विटी बाजार में मौजूदा गिरावट कुछ और महीनों तक रह सकती है क्योंकि घरेलू और वै​श्विक चिंताएं दूर होने में समय लगेगा। भट्टाचार्य का कहना है कि कॉरपोरेट आय वृद्धि में सुधार 2025 की दूसरी छमाही में इक्विटी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण होगा। बातचीत के मुख्य अंश:

2025 में इक्विटी बाजार की शुरुआत निराशाजनक रही है। आपको यह गिरावट कब तक जारी रहने का अनुमान है?

इक्विटी को घरेलू और वैश्विक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। पहली चुनौती यह है कि दिसंबर तिमाही की आय उत्साहजनक नहीं रही है जो चुनावी वर्ष में आमतौर पर देखी जाने वाली व्यापक आर्थिक सुस्ती दर्शाती है। दूसरा, दरों और व्यापार संबं​धित सख्ती को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नीतिगत बदलाव ने अतिरिक्त उतार-चढ़ाव को बढ़ावा दिया है।

हमारा मानना है कि बाजार में मौजूदा कमजोरी चालू कैलेंडर वर्ष की पहली छमाही तक बनी रहेगी। आर्थिक और नीतिगत अनिश्चितताओं के कम होने के साथ, आय में सुधार और वृद्धि से स्थिरता को बढ़ावा मिल सकता है और 2026 में बाजार की चाल निर्धारित हो सकती है।

इस साल कौन से कारक बाजार की दिशा तय करेंगे?

ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियों के कारण वैश्विक व्यापार की गति में नया परिवर्तन आएगा तथा ‘आय की राजनीति’ का मुख्य बन जाएगी। 2025 के शुरुआती महीनों में उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है क्योंकि बाजार इन बदलावों पर प्रतिक्रिया कर सकता है। भारत की बात करें तो आम बजट मुख्य घटनाक्रम होगा जो तीसरी मोदी सरकार की खर्च संबं​धित प्राथमिकताओं को बताएगा और वर्ष के लिए आर्थिक दिशा तय करेगा।

मूल्यांकन को आप कैसे देख रहे हैं?

कुल मिलाकर, भारतीय इ​क्विटी का मूल्यांकन ‘उचित’ दिख रहा है लेकिन वह सभी बाजार पूंजीकरण सेगमेंटों से अलग है। लार्जकैप शेयर अपने 10 वर्षीय ऐतिहासिक औसत के मुकाबले करीब 5 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे हैं और दीर्घाव​धि निवेशकों के लिए खरीदारी का आकर्षक मौका मुहैया करा रहे हैं।

क्या यह निवेशकों के लिए इ​क्विटी आवंटन बढ़ाने का सही समय है?

निवेशकों को अपने वित्तीय लक्ष्यों, जो​खिम सहन करने की क्षमता और बाजार हालात को ध्यान में रखकर अपने इ​क्विटी निवेश में बदलाव लाना चाहिए। हालांकि ताजा गिरावट ने दीर्घाव​धि निवेशकों को टुकड़ों में इ​क्विटी निवेश बढ़ाने का अवसर दिया है। हम ऐसे पोर्टफोलियो का सुझाव देते हैं जो लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप सभी के संतुलन वाला हो। कम जो​खिम पसंद करने वाले निवेशकों के लिए फ्लेक्सीकैप फंड उपयुक्त हैं, क्योंकि ये अलग अलग बाजार हालात में उन्हें स्वायत्तता देते हैं।

Advertisement
First Published - January 20, 2025 | 10:52 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement