इन्वेस्को एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) ने 8 मई 2026 से अपनी तीन ओवरसीज फंड ऑफ फंड्स (FoF) स्कीम्स में दोबारा सब्सक्रिप्शन शुरू करने की घोषणा की है। इससे पहले नियामकीय विदेशी निवेश सीमा के कारण इन स्कीम्स में अस्थायी रूप से निवेश पर रोक लगा दी गई थी। फंड हाउस के अनुसार, निवेशक अब इन स्कीम्स में लंपसम निवेश, स्विच-इन और सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP), सिस्टमैटिक ट्रांसफर प्लान (STP) तथा IDCW ट्रांसफर प्लान के तहत नए रजिस्ट्रेशन के जरिए दोबारा निवेश कर सकेंगे।
AMC ने पहले इन ओवरसीज FoF स्कीम्स में नए निवेश पर रोक लगा दी थी। इसकी वजह म्युचुअल फंड्स के लिए तय विदेशी निवेश सीमा थी। यह सीमा पूरे म्युचुअल फंड उद्योग के विदेशी निवेश को नियंत्रित करने के लिए लागू की गई थी। अंतरराष्ट्रीय निवेश योजनाएं चलाने वाली AMC के लिए यह नियम एक अहम परिचालन चुनौती बना हुआ है।
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दोबारा खोली गई स्कीम्स में शामिल हैं:
इन्वेस्को इंडिया – इन्वेस्को ग्लोबल इक्विटी इनकम फंड ऑफ फंड
इन्वेस्को इंडिया – इन्वेस्को पैन यूरोपियन इक्विटी फंड ऑफ फंड
इन्वेस्को इंडिया – इन्वेस्को ग्लोबल कंज्यूमर ट्रेंड्स फंड ऑफ फंड
फंड हाउस ने स्पष्ट किया कि दोबारा खोली गई इन स्कीम्स में नए निवेश केवल उपलब्ध निवेश सीमा के भीतर ही स्वीकार किए जाएंगे, ताकि 1 फरवरी 2022 तक फंड स्तर पर लागू विदेशी निवेश सीमा का उल्लंघन न हो। कंपनी ने यह भी कहा कि यदि विदेशी निवेश का उपयोग तय सीमा के करीब पहुंचता है, तो वह दोबारा अस्थायी रूप से सब्सक्रिप्शन बंद करने का अधिकार सुरक्षित रखती है।
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इस फैसले से निवेशकों को ग्लोबल इनकम, यूरोपीय इक्विटी और कंज्यूमर-थीम आधारित अंतरराष्ट्रीय निवेश अवसरों तक फिर से पहुंच मिल सकेगी। ये निवेश पेशेवर रूप से मैनेज्ड ओवरसीज पोर्टफोलियो के जरिए किए जाएंगे।
एसेट मैनेजर ने आगे कहा कि इन स्कीम्स के स्कीम इंफॉर्मेशन डॉक्युमेंट्स (SID) और की इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम (KIM) की अन्य सभी शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।