म्युचुअल फंडों (एमएफ) ने अप्रैल में अपेक्षाकृत सतर्क रुख अपनाने के बाद मई में इक्विटी खरीद काफी बढ़ाई। उन्होंने बाजार में आई गिरावट का फायदा उठाते हुए नई रकम का निवेश किया। म्युचुअल फंडों ने मई में लगभग 63,000 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो अप्रैल में निवेश की गई राशि का करीब 2.5 गुना है।
मई में बेंचमार्क इंडेक्स नीचे बंद हुए। निफ्टी 50 और सेंसेक्स में क्रमशः 1.9 फीसदी और 2.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। अप्रैल की जबरदस्त तेजी के बाद यह कमजोरी देखने को मिली। अप्रैल में दोनों इंडेक्स 6 फीसदी से ज्यादा चढ़ गए थे। किसी एक महीने में फंडों की शेयर खरीद की कीमत को अक्सर इस उद्योग के शुद्ध निवेश के प्रमुख संकेतक माना जाता है। इक्विटी म्युचुअल फंड योजना निवेशकों को लगातार आकर्षित करती रहीं। अप्रैल तथा मई दोनों महीनों में इनमें लगभग 40,000 करोड़ रुपये का निवेश आया।
इसके बावजूद, फंडों की हर महीने की इक्विटी खरीद पर ऐक्टिव इक्विटी योजना में आने वाले शुद्ध निवेश के अलावा भी कई दूसरे कारकों का असर पड़ता है। पास रखी नकदी में बदलाव, पैसिव और हाइब्रिड फंडों में आने वाली रकम और पोर्टफोलियो को फिर से संतुलित करना – ये सभी कारक रकम के निवेश के स्तर पर असर डालते हैं। खास तौर पर, हाइब्रिड योजना में इक्विटी आंवटन में बदलावों का इस उद्योग द्वारा खरीदी गई कुल इक्विटी की मात्रा पर काफी असर पड़ सकता है।