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Mutual Funds Picks: पश्चिम एशिया संघर्ष के चलते पैदा हुई ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद म्युचुअल फंड निवेशक लगातार निवेश कर रहे हैं। हालांकि, शेयर बाजारों में जारी उठापटक के चलते वो सतर्क जरूर नजर आ रहे हैं। एक्सपर्ट मानते हैं कि उथल-पुथल वाले समय में हाइब्रिड और मल्टी एसेट अलोकेशन फंड पर फोकस करना चाहिए। इनमें निवेशकों को कम रिस्क के साथ बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।
मनीफ्रंट के सीईओ मोहित गांग का कहना है कि ग्लोबल अनिश्चिततता और बाजारों में उठापटक के दौर में फ्लेक्सी कैप या मल्टी एसेट अलोकेशन फंड्स एक बेहतर ऑप्शन हो सकते हैं। अगर वैल्युएशन के नजरिए से देखें तो बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर आकर्षक नजर आ रहे हैं। वहीं, फार्मा सेक्टर एक डिफेंसिव सेक्टर होने के नाते आकर्षक लग रहा है।
ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के एमडी पंकज मठपाल कहते हैं, अनिश्चतता वाले माहौल में हाइब्रिड फंड्स एक बैलेंस्ड च्वाइस हो सकते हैं। इनमें कम रिस्क के साथ अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, उनका कहना है कि निवेशकों को एसेट अलोकेशन के साथ-साथ डायवर्सिफिकेशन और एकमुश्त की बजाय किस्तों में निवेश करना चाहिए।
एसेट अलोकेशन के बारे में मठपाल कहते हैं, निवेशकों को निवेश लक्ष्यों, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि के आधार पर फैसला करना चाहिए। शॉर्ट टर्म का नजरिया हो तो इक्विटी का हिस्सा कम रखें, जबकि लंबी अवधि के लिए इक्विटी का हिस्सा 60 फीसदी से ज्यादा होना चाहिए। एक्सपर्ट मानते हैं कि ग्लोबल अनिश्चितता के दौर में निवेश के लिए सेक्टर आधारित दांव लगाने की बजाय डायवर्सिफाइड कैटेगरीज पर ज्यादा फोकस करना चहिए।
मोहित गांग ने लंबी अवधि के नजरिए से चार म्युचुअल फंड्स को अपनी म्युचुअल फंड पिक बनाया है। इसमें उन्होंने HDFC Flexicap fund, Invesco Large & Midcap fund, Edelweiss Balanced advantage Fund, Nippon India Gold Savings Fund को शामिल किया है। वहीं, पंकज मठपाल ने स्पेशिफिक फंड की बजाय फ्लेक्सी-कैप और मल्टी-एसेट अलोकेशन फंड्स में निवेश की सलाह दी है।
रिटर्न: 19.39% CAGR
SIP रिटर्न: 15.85% सालाना रिटर्न
मिनिमम निवेश: ₹100
मिनिमम SIP निवेश: ₹100
बेंचमार्क: NIFTY 500 TRI
एक्सपेंश रेश्यो: 1.35% (31 मार्च 2026 तक)
NAV: ₹1,952 (8 अप्रैल 2026 तक)
AUM: ₹1,00,455 करोड़ (28 फरवरी 2026 तक)
रिटर्न: 16.48% CAGR
SIP रिटर्न: 15.33% सालाना रिटर्न
मिनिमम निवेश: ₹100
मिनिमम SIP निवेश: ₹100
बेंचमार्क: NIFTY Large Midcap 250 TRI
एक्सपेंश रेश्यो: 1.76% (31 मार्च 2026 तक)
NAV: ₹94 (8 अप्रैल 2026 तक)
AUM: ₹8,436 करोड़ (31 मार्च 2026 तक)
रिटर्न: 11.25% CAGR
SIP रिटर्न: 10% सालाना रिटर्न
मिनिमम निवेश: ₹100
मिनिमम SIP निवेश: ₹100
बेंचमार्क: NIFTY 50 Hybrid Composite Debt 50:50
एक्सपेंश रेश्यो: 0.49% (31 मार्च 2026 तक)
NAV: ₹58 (8 अप्रैल 2026 तक)
AUM: ₹13,176 करोड़ (28 फरवरी 2026 तक)
रिटर्न: 24.81% CAGR
SIP रिटर्न: 33.38% सालाना रिटर्न
मिनिमम निवेश: ₹100
मिनिमम SIP निवेश: ₹100
बेंचमार्क: Domestic Price of Gold Index
एक्सपेंश रेश्यो: 0.35% (31 मार्च 2026 तक)
NAV: ₹57 (8 अप्रैल 2026 तक)
AUM: ₹7,223 करोड़ (28 फरवरी 2026 तक)
(डाटा सोर्स: एम्फी, वैल्यू रिसर्च)
म्युचुअल फंड इंडस्ट्री ने लगातार तीसरे वित्त वर्ष में एसेट अंडर मैनजमेंट (AUM) में 20 फीसदी से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में इंडस्ट्री का एवरेज AUM 81.5 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 67 लाख करोड़ रुपये से 21 फीसदी ज्यादा है। जबकि, बेंचमार्क इंडेक्स FY26 के दौरान दबाव में रहे। निफ्टी 50 में 5.1 फीसदी की गिरावट आई, जबकि सेंसेक्स 7.1 फीसदी फिसला, जो महामारी प्रभावित FY20 के बाद उनका सबसे खराब प्रदर्शन रहा।
एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी में इक्विटी म्युचुअल फंड्स में निवेश बढ़ा लेकिन सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए इनफ्लो में कमी आई। फरवरी में इक्विटी फंड्स में निवेश 8 फीसदी बढ़कर 25,978 करोड़ रुपये का निवेश हो गया। वहीं, SIP के जरिए 29,845 करोड़ का निवेश आया, जबकि जनवरी में यह आंकड़ा 31,002 करोड़ रुपये था।
(डिस्क्लेमर: यहां म्युचुअल फंड्स पर सलाह एक्सपर्ट की राय है। म्युचुअल फंड में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश संबंधी फैसला करने से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें।)