म्युचुअल फंड

SIF बाजार में आने को तैयार फंडों की नई कतार, AUM ₹10,000 करोड़ के पार पहुंचा

एसआईएफ में असल में म्युचुअल फंडों को ज्यादा जटिल और जोखिम वाली रणनीतियां पेश करने की इजाजत है

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अभिषेक कुमार   
Last Updated- April 28, 2026 | 9:54 PM IST

स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (एसआईएफ) की दुनिया में होड़ और गहराने वाली है। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी को देखते हुए लगभग एक दर्जन फंड हाउस इसके मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। एसआईएफ में असल में म्युचुअल फंडों को ज्यादा जटिल और जोखिम वाली रणनीतियां पेश करने की इजाजत है। इस श्रेणी के तहत आई पहली पेशकश के छह महीनों के भीतर ही प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 10,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई हैं।

आने वाले हफ्तों में कई बड़े फंड हाउस का इसमें प्रवेश कर सकते हैं। कोटक म्युचुअल फ़ंड (इनफिनिटी हाइब्रिड लॉन्ग-शॉर्ट फंड), मिरे ऐसेट म्युचुअल फंड (प्लेटिनम हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट फंड) और एचएसबीसी म्युचुअल फंड (रेडहेक्स हाइब्रिड लॉन्ग शॉर्ट फंड) को अपनी पहली एसआईएफ पेशकश के लिए भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से नियामकीय मंजूरी मिल गई है। यूनियन म्युचुअल फंड भी जल्द ही अपनी पहली योजना अर्थाय इक्विटी लॉन्ग शॉर्ट फंड ला सकता है।

हालांकि ये लॉन्च एक ही समय पर हो सकते हैं। लेकिन बाजार के रास्ते अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ फ़ंड हाउस जैसे मिरे ऐसेट म्युचुअल फंड ने महीनों पहले ही लाइसेंस हासिल कर लिया था, लेकिन परिचालन संबंधी तैयारी सुनिश्चित करने के लिए उसने लॉन्च को टाल दिया। दूसरों ने इस उभरते हुए सेगमेंट में उतरने से पहले देखो और इंतज़ार करो का रवैया अपनाया है।

मिरे ऐसेट एमएफ के प्रमुख (प्रोडक्ट्स, बिजनेस स्ट्रेटजी और इंटरनैशनल बिजनेस) वैभव शाह ने कहा, हमारा नज़रिया यह सुनिश्चित करना रहा है कि हम बाजार में ऐसी योजना लाएं जो दूसरों से अलग हो और जिसकी सही निवेश टीम हो और परिचालन संबंधी मजबूत तैयारी हो। हालांकि इसका मतलब यह था कि लॉन्च से पहले थोड़ा समय और मिल जाए लेकिन इससे हमें इस सेगमेंट में ज्यादा मज़बूत और बड़े पैमाने की योजना के साथ उतरने का मौका मिला।

एसआईएफ सेगमेंट में शुरुआती चुनौतियों में से एक सीमित वितरण आधार रहा। लेकिन हाल के महीनों में इसमें सुधार हुआ है क्योंकि म्युचुअल फंड के ज्यादा वितरकों ने आवश्यक सर्टिफिकेशन पूरा कर लिया है।

शाह ने कहा, पिछले कुछ महीनों में हमने फंड वितरकों की तैयारियों में लगातार प्रगति देखी है, जिसमें ज्यादा पार्टनर जरूरी प्रमाणन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं। नियामक भी इस दायरे को और बढ़ाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की समीक्षा कर रहे हैं। म्युचुअल फंड क्षेत्र में दो रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंटों में से एक कैम्स का कहना है कि वह एसआईएफ क्षेत्र में गतिविधियों में तेजी देख रहा है।

कैम्स के प्रबंध निदेशक अनुज कुमार ने कहा, कैम्स जिन एएमसी को सेवाएं दे रही हैं, उनमें से 6 ​​पहले ही कामकाज शुरू कर चुकी हैं। उनके पास 30,000 से ज्यादा निवेशक और 6,000 करोड़ रुपये की एयूएम है। अगली तिमाही में 10 और एएमसी के आने की उम्मीद है। 6,000 से ज्यादा फंड वितरकों ने एसआईएफ के लिए पंजीकरण करवाया है, जिससे संकेत मिलता है कि पूरा इकोसिस्टम इस श्रेणी की मदद करने के लिए तैयार है। यह श्रेणी अब पेशकश वाले दौर से आगे बढ़कर अपनाने के चरण पर पहुंच चुकी है।

अब तक, आठ फंड हाउस 360 वन म्युचुअल फंड (डायना एसआईएफ), बंधन म्युचुअल फंड (आरूढ़ एसआईएफ), एडलवाइस म्युचुअल फंड (अल्तिवा एसआईएफ), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड (आई एसआईएफ), आईटीआई म्युचुअल फंड (डिविनिटी एसआईएफ), क्वांट म्युचुअल फंड (क्यूएसआईएफ), एसबीआई म्युचुअल फंड (मैग्नम एसआईएफ) और टाटा म्युचुअल फंड (टाइटेनियम एसआईएफ) ने इस सेगमेंट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

कई अन्य बड़े फंड हाउस, खासकर 20 अग्रणी फर्मों में शामिल, उतरने का जायजा ले रहे हैं या उसकी तैयारी के अलग-अलग चरणों में हैं। इनमें एचडीएफसी म्युचुअल फंड, निप्पॉन इंडिया म्युचुअल फंड, यूटीआई म्युचुअल फंड, ऐक्सिस म्युचु्अल फंड और डीएसपी म्युचुअल फंड शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर ने एसआईएफ लाइसेंस हासिल कर लिए हैं और वे योजनाओं की रणनीतियों पर काम कर रहे या नियामकीय मंज़ूरी का इंतजार कर रहे हैं।

एचडीएफसी एमएफ के सीईओ नवनीत मुनोत ने इस महीने की शुरुआत में कमाई के आंकड़ों पर हुई कॉल के दौरान कहा था, हमने सभी जरूरी नियामकीय मंजूरी हासिल कर ली हैं। हमारी टीम इस क्षेत्र में कुछ अलग तरह की योजना बनाने पर काम कर रही है।

नई कंपनियों के अलावा मौजूदा कंपनियां भी लॉन्च के लिए मज़बूत तैयारी कर रही हैं। एडलवाइस म्युचुअल फंड (अल्तिवा एसआईएफ), आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्युचुअल फंड (आई एसआईएफ) और अन्य ने अतिरिक्त योजनाओं के लिए पहले ही मंजूरी हासिल कर ली है।

First Published : April 28, 2026 | 9:51 PM IST