म्युचुअल फंड

SIP की रफ्तार बरकरार: मई में 54.16 लाख नए खाते खुले; निवेश लगातार तीसरे महीने ₹30,000 करोड़ के ऊपर

मई के अंत तक SIP AUM बढ़कर 17.12 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो म्युचुअल फंड उद्योग के कुल AUM का लगभग 21% हिस्सा है

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अंशु   
Last Updated- June 11, 2026 | 7:43 PM IST

सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) भारतीय म्युचुअल फंड इंडस्ट्री के लिए ग्रोथ का सबसे मजूबत इंजन बना हुआ है। भले ही, इक्विटी म्युचुअल फंड में नेट इनफ्लो मई में 40 फीसदी घटकर एक साल के सबसे निचले स्तर 22,908 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि, SIP के जरिए नियमित निवेश की रफ्तार मजबूत बनी हुई है। एसोसिएशन ऑफ म्युचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, SIP निवेश लगातार तीसरे महीने 30,000 करोड़ रुपये के स्तर से ऊपर रहा। हालांकि यह अप्रैल के 31,115 करोड़ रुपये से मामूली रूप से घटकर मई में 30,953 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, सालाना आधार पर देखें तो SIP के जरिए निवेश 16 फीसदी बढ़ा है। मई 2025 में SIP के माध्यम से 26,635 करोड़ रुपये का निवेश आया था।

खुदरा निवेशकों का SIP पर अटूट भरोसा

म्युचुअल फंड निवेशकों का SIP पर अटूट भरोसा कायम है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि 30,954 करोड़ रुपये का मंथली SIP निवेश दिखाता है कि खुदरा निवेशक बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच भी लंबी अवधि के निवेश पर कायम हैं।

मिरे असेट में डिस्ट्रीब्यूशन एंड स्ट्रैटेजिक अलायंसेज की हेड सुरंजना बोरठाकुर का कहना है कि 30,954 करोड़ रुपये का एसआईपी निवेश वह आंकड़ा है जो सबसे ज्यादा ध्यान खींचता है। उनके मुताबिक, यह दर्शाता है कि लंबी अवधि के निवेश की बुनियाद अब भी मजबूत है। खुदरा निवेशक बाजार की अस्थिरता से घबराकर बाहर नहीं निकल रहे हैं, बल्कि नियमित निवेश जारी रखते हुए औसत लागत (रुपी कॉस्ट एवरेजिंग) का लाभ उठा रहे हैं और कंपाउंडिंग की ताकत पर भरोसा बनाए हुए हैं।

बोरठाकुर की इस राय से सहमति जताते हुए अबेकस म्युचुअल फंड के सीईओ वैभव चुघ ने कहा कि मई में 30,954 करोड़ रुपये का स्थिर SIP निवेश यह दर्शाता है कि खुदरा निवेशक पहले की तुलना में ज्यादा परिपक्व हो गए हैं और घरेलू निवेशकों की भागीदारी की बुनियाद मजबूत बनी हुई है। SIP निवेश में यह निरंतरता लंबी अवधि के निवेश अनुशासन को मजबूत करती है, जो लंबे समय में वेल्थ क्रिएशन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

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मई में खुले 54.16 लाख नए SIP खाते

मई में बंद किए गए या अपनी अवधि पूरी कर चुके SIP खातों की संख्या 51.70 लाख रही, जबकि इसी अवधि में 54.16 लाख नए SIP पंजीकृत किए गए। इसके मुकाबले अप्रैल में 51.29 लाख SIP बंद हुए थे या उनकी अवधि पूरी हुई थी, जबकि 50.71 लाख नए SIP शुरू किए गए थे।

इस तरह मई में नए SIP खातों की संख्या बंद हुए SIP खातों से ज्यादा रही, जो निवेशकों की लगातार बनी हुई रुचि को दर्शाती है।

AMFI के चीफ एग्जीक्यूटिव वेंकट चलसानी ने कहा, “म्युचुअल फंड उद्योग की वृद्धि को मजबूत SIP निवेश का लगातार समर्थन मिल रहा है। मई में SIP के जरिए निवेश 30,954 करोड़ रुपये रहा। योगदान करने वाले SIP खातों की संख्या 9.64 करोड़ पर स्थिर रही, जो वेल्थ क्रिएशन के लिए म्युचुअल फंड को एक व्यवस्थित और लंबी अवधि के निवेश माध्यम के रूप में निवेशकों की बढ़ती पसंद को दर्शाती है।”

SIP स्टॉपेज रेशियो 95% पर आया

ताजा आंकड़े बताते हैं कि मई में बंद हुए या अवधि पूरी कर चुके SIP खातों की तुलना में नए शुरू किए गए SIP की संख्या ज्यादा रही। यानी इस दौरान म्युचुअल फंड उद्योग में नए SIP जोड़ने की रफ्तार बंद होने वाले SIP से ज्यादा रही।

इसके चलते म्युचुअल फंड SIP स्टॉपेज रेशियो मई में घटकर 95 फीसदी पर आ गया, जबकि इससे पहले लगातार दो महीनों तक यह 100 फीसदी से ऊपर बना हुआ था। अप्रैल में SIP स्टॉपेज रेशियो 101.14 फीसदी और मार्च में 101.06 फीसदी दर्ज किया गया था।

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SIP स्टॉपेज रेशियो क्या है?

SIP स्टॉपेज रेशियो, बंद किए गए SIP की संख्या और नए शुरू किए गए SIP की संख्या के रेशियो को दर्शाता है। यदि यह रेशियो 100 फीसदी से ऊपर चला जाता है, तो इसका मतलब होता है कि नए शुरू किए गए SIP की तुलना में ज्यादा SIP बंद हो रहे हैं।

हालांकि, इस आंकड़े को समझते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि स्टॉपेज रेशियो में केवल निवेशकों द्वारा बंद किए गए SIP ही शामिल नहीं होते, बल्कि वे SIP भी शामिल होते हैं जिनकी तय अवधि पूरी हो चुकी होती है। इसके अलावा, कई बार निवेशक अपने पोर्टफोलियो में बदलाव (रीशफलिंग) के तहत एक SIP बंद कर दूसरी SIP शुरू कर देते हैं। इसलिए स्टॉपेज रेशियो में बढ़ोतरी को हमेशा निवेशकों की निकासी या नेगेटिव रुझान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

कुल MF AUM में SIP की हिस्सेदारी 21%

AMFI के आंकड़ों के अनुसार, मई के अंत तक SIP के तहत एसेट अंडर मैनजमेंट (SIP AUM) बढ़कर 17.12 लाख करोड़ रुपये पहुंच गईं, जो म्युचुअल फंड उद्योग के कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) का लगभग 21 फीसदी हिस्सा है। वहीं, SIP में नियमित योगदान देने वाले खातों की संख्या 9.64 करोड़ पर स्थिर बनी रही।

First Published : June 11, 2026 | 7:43 PM IST