facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

बैंकों व NBFC में म्युचुअल फंडों ने घटाया निवेश, ऑटो और फार्मा जैसे सेक्टरों में बढ़ी दिलचस्पी

Advertisement

निफ्टी बैंक सूचकांक जनवरी-मार्च 2024 की अव​धि में 2.4 प्रतिशत गिरा जबकि निफ्टी-50 सूचकांक में 2.7 प्रतिशत तक की तेजी आई।

Last Updated- April 19, 2024 | 9:28 PM IST
FoF returned to glory, benefited from tax adjustment; Raised Rs 6,000 crore FOF में लौटी रौनक, टैक्स एडजस्टमेंट का मिला फायदा; 6,000 करोड़ रुपये जुटाए

म्युचुअल फंडों (एमएफ) ने लगातार मार्जिन दबाव और नियामकीय चुनौतियों के बीच जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान बैंकिंग और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में अपना निवेश घटाया। चौथी तिमाही में अन्य क्षेत्रों के मुकाबले बैंकों के खराब प्रदर्शन से भी फंडों के पोर्टफोलियो में उनके भारांक में गिरावट आई। निफ्टी बैंक सूचकांक जनवरी-मार्च 2024 की अव​धि में 2.4 प्रतिशत गिरा जबकि निफ्टी-50 सूचकांक में 2.7 प्रतिशत तक की तेजी आई।

नुवामा अल्टरनेटिव ऐंड क्वांटीटेटिव रिसर्च के आंकड़ों से पता चलता है कि बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों में सक्रिय फंड योजनाओं (शीर्ष-10 फंड हाउसों से संबं​धित) का औसत निवेश मार्च के अंत में 15.9 प्रतिशत रहा जो कैलेंडर वर्ष 2024 के शुरू में दर्ज किए गए 19.4 प्रतिशत की तुलना में काफी कम है। इस अव​धि में एनबीएफसी के लिए निवेश 9.9 प्रतिशत से घटकर 9 प्रतिशत रह गया। फंड प्रबंधकों का कहना है कि बैंकों और एनबीएफसी शेयरों में निवेश घटाने का निर्णय इस सेक्टर की समस्याओं और बाजार के अन्य सेगमेंटों में बेहतर अवसरों की उपलब्धता की वजह से लिया गया।

आदित्य बिड़ला सन लाइफ (एबीएसएल) एएमसी में मुख्य निवेश अ​धिकारी (सीआईओ) महेश पाटिल ने कहा, ‘जमा वृद्धि में लगातार दबाव की वजह से हमने बैंकों में अपना निवेश थोड़ा घटाया है। एनबीएफसी में निवेश घटाने का निर्णय काफी हद तक जो​खिम भारांक में वृद्धि और असुर​क्षित ऋणों से जुड़ी नियामकीय चिंताओं की वजह से लिया गया था।’ एबीएसएल एमएफ की मार्केट-कैप योजनाओं का बैंकों में निवेश मार्च 2024 के अंत में 19.3 प्रतिशत था जो वर्ष के शुरू के 24.7 प्र​तिशत की तुलना में कम है।

यह रिपोर्ट मार्केट-कैप योजनाओं के पोर्टफोलियो पर आधारित है जिसमें लार्जकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप, मल्टीकैप और लार्ज ऐंड मिडकैप फंड शामिल हैं। हालांकि कुछ विश्लेषक मान रहे हैं कि बैंकिंग शेयर भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करेंगे क्योंकि उनका मार्जिन दबाव कम होने का अनुमान है।

टाटा म्युचुअल फंड के फंड प्रबंधक अमेय साठे ने कहा, ‘बैंकों का चौथी तिमाही के नतीजों में शुद्ध ब्याज मार्जिन पर थोड़ा दबाव दिखने का अनुमान है। जहां कुछ बैंकों के लिए यह दबाव वित्त वर्ष 2025 की पहली तिमाही तक भी जा सकता है, वहीं उनमें से अ​धिकांश के लिए हालात में सुधार भी देखा जा सकता है। एनबीएफसी के लिए भी मार्जिन दबाव पहली तिमाही तक दूर हो सकता है और वित्त वर्ष 2025 की दूसरी छमाही में कुछ सुधार देखा जा सकता है।’ उनका कहना है कि कई बैंक मूल्यांकन और वृद्धि के नजरिये से आकर्षक हैं।

अपने चौथी तिमाही के पूर्वानुमान में ब्रोकरों ने बैंकिंग क्षेत्र पर मिलाजुला नजरिया साझा किया है। हालांकि उन्हें मजबूत ऋण वृद्धि का अनुमान है लेकिन मार्जिन दबाव बने रहने की आशंका है। प्रभुदास लीलाधर को जमा लागत में वृद्धि की वजह से मार्जिन घटने का अनुमान है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है, ‘जमा लागत में वृद्धि की रफ्तार ऋण प्राप्तियों से अ​धिक रहने का अनुमान है जो थोड़ी बहुत बढ़ सकती है।’ इलारा कैपिटल, आईआईएफएल सिक्योरिटीज और मोतीलाल ओसवाल फाइनैं​शियल सर्विसेज भी कुछ बैंकों के एनआईएम पर दबाव की आशंका जता रही हैं।

म्युचुअल फंडों ने जहां पोर्टफोलियो में बैंकिंग और एनबीएफसी का वजन घटाया है वहीं वाहन, पूंजीगत सामान, फार्मास्युटिकल और विद्युत क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ाया है। दोपहिया और यात्री वाहन सेगमेंटों में मजबूत बिक्री वृद्धि के बीच ऑटोमोबाइल क्षेत्र का भारांक 7.5 प्रतिशत से बढ़कर 9 प्रतिशत हो गया।

पाटिल ने कहा, ‘हमने वाहन क्षेत्र पर जोर दिया है क्योंकि हमें खासकर त्योहारी सीजन के बाद अच्छी मांग दिख रही है। कई कंपनियों ने मार्जिन के मोर्चे पर चकित कर दिया है। हालांकि यह दोपहिया और यात्री वाहन सेगमेंट तक ही सीमित है क्योंकि वा​णि​ज्यिक वाहन खंड में सुधार दिखना अभी बाकी है।’

Advertisement
First Published - April 19, 2024 | 9:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement