भारतीय टाइल विनिर्माताओं के शेयर फिलहाल 52 सप्ताह की ऊंचाई पर कारोबार कर रहे हैं। टाइल कंपनियों के शेयरों को कई कारकों से बल मिल रहा है जैसे बेहतर मांग परिदृश्य, परिचालन प्रदर्शन में सुधार और बाजार हिस्सेदारी में बढ़त। भारत में टाइल उद्योग का अनुमानित बाजार सालाना करीब 39,000 करोड़ रुपये का है। इसमें […]
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इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर (आईएफएससी) में एकीकृत नियामक इंटरनैशनल फाइनैंशियल सर्विसेज सेंटर अथॉरिटी ने गिफ्ट सिटी में एकल बुलियन एक्सचेंज का सुझाव दिया है। तीन एक्सचेंज- इंडिया इंटरनैशनल एक्सचेंज (आईएनएक्स)-बीएसई की सहायक इकाई, एनएसई का इंटरनैशनल एक्सचेंज, और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एमसीएक्स) – गिफ्ट सिटी आईएफएससी में अपने स्वयं के बुलियन एक्सचेंज स्थापित […]
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बर्ड फ्लू के नाम से भी चर्चित एवियन इनफ्लूएंजा के प्रसार को लेकर पैदा हुई चिंताओं के बीच पोल्ट्री कारोबार से जुड़ी वेंकीज इंडिया और गोदरेज एग्रोवेट के शेयर पिछले तीन कारोबारी सत्रों में 7 और 2 प्रतिशत गिरे हैं (भले ही सेंसेक्स सपाट बना रहा)। इस सप्ताह के शुरू में, मत्स्य, पशुपालन एवं डेरी […]
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मोबाइल फोन के जरिये होने वाला नकदी बाजार कारोबार पिछले पांच साल में करीब 11 गुना तक बढ़ा है। स्मार्टफोन की मजबूत पहुंच, कम डेटा शुल्कों और तेजी से मजबूत हो रहे इक्विटी बाजारों की वजह से इस कारोबार में तेजी आई है। मोबाइल फोन के जरिये होने वाले नकदी बाजार सौदों की भागीदारी बीएसई […]
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सिनजीन इंटरनैशनल का शेयर फार्मा क्षेत्र में अच्छी तेजी दर्ज करने वाले शेयरों में से एक रहा है। इस शेयर की वेल्यू पिछले साल के दौरान दोगुनी हुई। शेयर में यह तेजी इन उम्मीदों से आई कि नवप्रवर्तकों के शोध एवं विकास कार्यक्रमों में सुधार और उसके अनुबंध निर्माण व्यवसाय के विस्तार से मध्यावधि परिदृश्य […]
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वर्ष 2020 में आरंभिक सार्वजनिक पेशकशों (आईपीओ) में प्रमुख निवेशकों के तौर पर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) से ज्यादा योगदान रहा। प्राइम डेटाबेस के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष के लिए एफपीआई की निवेश भागीदारी 4,206 करोड़ रुपये पर दर्ज की गई, जो पिछले साल आईपीओ के जरिये […]
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बढ़ती रिटेल भागीदारी और नकदी तथा डेरिवेटिव बिक्री में सुधार से 2020 में ब्रोकरेज फर्मों की आय को मदद मिली। वर्ष में ‘रॉबिनहुड’ घटनाक्रम का उभार देखा गया और छोटे निवेशकों ने तेज गिरावट की अवधियों के दौरान प्रत्यक्ष रूप से शेयर खरीदारी पर जोर दिया। इसे धारणा में आए बदलाव से मदद मिली, क्योंकि […]
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कंपनियों ने घटती ब्याज दरों के बीच नए बॉन्ड निर्गमों में निर्धारित दर वाले बॉन्डों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया है। न सिर्फ संबद्घ अवधि के दौरान जारी बॉन्डों बल्कि सभी कुल बकाया बॉन्डों के लिए आंकड़े से पता चलता है कि मार्च, जून और सितंबर तिमाहियों में 90 प्रतिशत बॉन्ड निर्धारित-दर बॉन्ड थे। […]
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लंबी अवधि के डेट फंड पिछले साल प्रतिफल के चार्ट पर शीर्ष पर रहे। इन फंडों को गिरती ब्याज दरों के परिवेश से मदद मिली। चार ऐसी श्रेणियों- लॉन्ग ड्यूरेशन, 10 वर्षी अवधि के साथ गिल्ट, गिल्ट और मध्यावधि से दीर्घावधि- ने दो अंक में प्रतिफल दिया। संक्षिप्त अवधि के फंडों का प्रदर्शन कमजोर रहा, […]
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इस महीने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम का बाजार तैयार हो रहा है क्योंंकि कंपनियां अपने शेयरों को सूचीबद्ध कराने की योजना आगे बढ़ा रही हैं ताकि द्वितीयक बाजार की तेजी का फायदा उठाया जा सके। सूत्रों ने कहा कि अगले चार हफ्ते में करीब 8,000 करोड़ रुपये जुटाने के लिए करीब आधा दर्जन कंपनियां अपना आईपीओ […]
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