facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

NSE guidelines: बाजार में गड़बड़ी पर लगेगी लगाम, NSE ने ब्रोकरों के लिए बनाए नए नियम

अब स्टॉक ब्रोकरों को अपने ग्राहकों की हरकतों पर पैनी नजर रखनी होगी।

Last Updated- January 01, 2025 | 6:52 PM IST
NSE

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने स्टॉक ब्रोकरों के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनका मकसद बाजार में गड़बड़ी और धोखाधड़ी रोकना है। ये नियम काफी दिलचस्प हैं और सीधे तौर पर ग्राहकों के हितों को सुरक्षित करने की ओर इशारा करते हैं।

क्या है ये नया प्लान?

अब स्टॉक ब्रोकरों को अपने ग्राहकों की हरकतों पर पैनी नजर रखनी होगी। अगर किसी का ट्रेडिंग पैटर्न अजीब लगे या कुछ गड़बड़ दिखे, तो ब्रोकर को तुरंत इसकी जानकारी एक्सचेंज को देनी होगी।

ब्रोकरों को इन तरह की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी होगी:

  • किसी और के नाम पर ट्रेडिंग (म्यूल अकाउंट)
  • शेयर के दाम बढ़ाने के लिए फर्जी डिमांड बनाना
  • कीमतों से छेड़छाड़
  • इनसाइडर ट्रेडिंग (अंदर की जानकारी का गलत इस्तेमाल)
  • सर्कुलर ट्रेडिंग और पंप-एंड-डंप स्कीम

कब से लागू होंगे ये नियम?

सेबी ने निर्देश दिया है कि जिन ब्रोकरों के पास 50,000 से ज्यादा ग्राहक हैं, उन्हें 1 जनवरी 2025 से ये नियम मानने होंगे। बाकी ब्रोकरों को उनकी ग्राहक संख्या के हिसाब से चरणबद्ध तरीके से इसे लागू करना होगा।

Also read: Equity, Debt market: 2025 में कहां-कैसे बनेगा पैसा? फैक्टर इन्वे​स्टिंग की क्या है कैलकुलेशन

बड़े ब्रोकरों के लिए खास निर्देश

बड़े ब्रोकरों को अब चीफ सर्विलांस ऑफिसर (CSO) रखना होगा और एक अलग निगरानी विभाग बनाना होगा।

ऑटोमैटिक सिस्टम लाना जरूरी

  • जिन ब्रोकरों के पास 2,000 से ज्यादा ग्राहक कोड (UCC) हैं, उन्हें अलर्ट के लिए एक ऑटोमैटिक सिस्टम लाना होगा।
  • छोटे ब्रोकर मैनुअल तरीके से काम जारी रख सकते हैं।
  • एक्सचेंज ऐसे सिस्टम देने के लिए वेंडर्स की लिस्ट बनाएगा।
  • शिकायत निवारण और व्हिसलब्लोअर की सुरक्षा

ब्रोकरों को हर तिमाही अपने अलर्ट की रिपोर्ट एक्सचेंज को देनी होगी। साथ ही, उन्हें एक व्हिसलब्लोअर कमेटी बनानी होगी, ताकि शिकायतें सुनी जा सकें और शिकायत करने वालों की सुरक्षा हो सके। एनएसई के मुताबिक, बोर्ड के बड़े अधिकारियों, सीईओ या प्रमोटरों के खिलाफ शिकायतें ऑडिट कमेटी को भेजी जाएंगी। बाकी कर्मचारियों की शिकायतें कंप्लायंस ऑफिसर को सौंपी जाएंगी।

First Published - January 1, 2025 | 6:51 PM IST

संबंधित पोस्ट