एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी (एचडीएफसी एएमसी) ने प्रशांत जैन की तरफ से प्रबंधित तीन योजनाएं नए फंड मैनेजरों के सुपुर्द कर दी हैं क्योंकि फंड हाउस का इरादा प्रशांत जैन के जाने के बाद भी हालिया प्रदर्शन में सुधार व बाजार हिस्सेदारी बनाए रखने का इरादा है।
एचडीएफसी एएमसी के मुख्य निवेश अधिकारी प्रशांत जैन ने फंड हाउस में 19 साल काम करने के बाद पद छोड़ दिया। वह एचडीएफसी एएमसी की तीन योजनाओं का प्रबंधन करते थे, जिसकी संयुक्त रूप से प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां जून 2022 में करीब 90,000 करोड़ रुपये थी।
एचडीएफसी बैलेंस्ड एडवांटेज फंड का प्रबंधन अब गोपाल अग्रवाल, अनिल बंबोली और श्रीनिवास राममूर्ति करेंगे। अग्रवाल एक साल पहले डीएसपी एमएफ से एचडीएफसी एएमसी से जुड़े थे।
एचडीएफसी टॉप 100 का प्रबंधन अब राहुल बैजल करेंगे, जो हाल में ही सुंदरम म्युचुअल फंड से एचडीएफसी एएमसी आए हैं, जहां उन्होंने छह साल काम किया था।
इस बीच, पिछले साल फ्रैंकलिन टेम्पलटन छोड़कर आए आर जैन को एचडीएफसी फ्लेक्सी कैप के प्रबंधन का काम दिया गया है। फरवरी 2021 में एमडी व सीईओ के तौर पर नवनीत मुनोत के शामिल होने के बाद एचडीएफसी एएमसी ने अपनी फंड प्रबंधन व शोध टीम को मजबूत किया है। नया सीआईओ नियुक्त करने के बजाय एचडीएफसी एएमसी ने ऐलान किया है कि चिराग सीतलवाड अब उसके इक्विटी सेगमेंट की अगुआई करेंगे जबकि शोभित मल्होत्रा फिक्स्ड इनकम सेगमेंट के प्रमुख होंगे।
जेफरीज के नोट में कहा गया है, हम एचडीएफसी एएमसी में जैन का पोर्टफोलियो अनुभवी फंड मैनेजरों के हाथ जाते देख रहे हैं और राहुल बैजल (सुंदरम एएमसी) भी इसमें शामिल होंगे। वितरकों के साथ जुड़ाव अहम होगा और हमें लगता है कि मुनोत की पकड़ मजबूत है। जैन की तरफ से प्रबंधित तीन योजनाओं की हिस्सेदारी एचडीएफसी एएमसी का करीब 40 फीसदी है। फंड हाउस उम्मीद कर रहा है कि जैन के कंपनी के छोड़ने के बाद निवेशक बाहर नहीं निकलेंगे।