facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Swiggy की कामयाबी के बाद 5 आईपीओ पर प्रोसस की नजर

Advertisement

प्रोसस ने अगले 18 महीने में पांच भारतीय कंपनियों के आईपीओ की योजना बनाई, मीशो और ब्लूस्टोन शामिल

Last Updated- December 02, 2024 | 10:17 PM IST
Gaudium IVF IPO

वैश्विक निवेश समूह प्रोसस ने अगले 12 से 18 महीने में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिए अपने पोर्टफोलियो में पांच भारतीय कंपनियों की पहचान की है। इन पांच कंपनियों में से डच निवेश समूह ने तीन कंपनियों की पहचान कर ली है- डिजिटल भुगतान कंपनी पेयू (यह पूरी तरह से प्रोसस के स्वामित्व में है), ई-कॉमर्स कंपनी मीशो और ओमनी चैनल आभूषण रिटेलर ब्लूस्टोन – जो इस अवधि के भीतर आईपीओ ला सकती है। 2025 की पहली छमाही के परिणामों की घोषणा करते हुए सोमवार को एक विश्लेषक कॉल में वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।

प्रोसस ने कहा है कि आईपीओ घोषणा की सटीक समयसीमा खुद कंपनियों की तरफ से आएगी। इसने अपनी भविष्य की संभावित आईपीओ सूची में अन्य पांच निवेशित कंपनियों की भी पहचान की है।

इनमें एडटेक कंपनी एरुडिटस (3.1 अरब डॉलर का मूल्यांकन), मत्स्य और समुद्र की टिकाऊ मूल्य श्रृंखला निर्माता कैप्टन फ्रेश (80 करोड़ डॉलर का मूल्यांकन), आपूर्ति श्रृंखला फाइनैंसिंग कंपनी मिंटिफी (प्रोसस ने अक्टूबर 2024 में 75 करोड़ डॉलर के मूल्यांकन पर 10.65 प्रतिशत हिस्सेदारी ली थी), हाउसिंग फाइनैंस क्षेत्र की वास्तु (कंपनी में प्रोसस के पास आठ प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसका मूल्यांकन 1.26 अरब डॉलर है) और डिजिटल फर्स्ट ब्रांड मेन्सा (96.7 करोड़ डॉलर का मूल्यांकन) जैसी कंपनियां शामिल हैं।

प्रोसस ने देश में 30 से अधिक कंपनियों में आठ अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। इसने हाल ही में स्विगी से आंशिक रूप से निकासी की है। फूड डिलिवरी क्षेत्र की कंपनी में इसका 1.3 अरब डॉलर का निवेश था। आईपीओ के बाद इसका मौजूदा मूल्यांकन चार अरब डॉलर से ज्यादा है। हालांकि यह कंपनी में अब भी सबसे बड़ी शेयरधारक है।

कंपनी के अधिकारियों ने बातचीत में कहा कि नियामकीय चुनौतियों के बावजूद पेयू ने भारत में बहुत अच्छी वृद्धि दिखाई है और भुगतान तथा ऋण कारोबार दोनों ही अच्छे चल रहे हैं। हालांकि वर्ष 2025 की पहली छमाही में पेयू इंडिया के राजस्व में 28 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है, जबकि इसके ईबिट मार्जिन में आठ प्रतिशत की गिरावट आई है। खबरों के अनुसार कंपनी को पांच से सात अरब डॉलर के मूल्यांकन पर सूचीबद्ध होने की उम्मीद थी।

नवीनतम आंकड़ों के अनुसार सितंबर 2024 तक ब्लूस्टोन का मूल्यांकन 96.8 करोड़ डॉलर है। मीशो में प्रोसस के पास तकरीबन 13 प्रतिशत हिस्सेदारी है। वर्तमान में इसका मूल्य 3.9 अरब डॉलर है। हालांकि लंबे समय से भारत में मौजूद प्रोसस ने देश में दीर्घकालिक निवेश किया है और केवल तीन से निकासी की है – मेकमाईट्रिप और फ्लिपकार्ट तथा स्विगी में आंशिक तौर पर। हालांकि प्रोसस की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी होने की वजह से पेयू आंशिक विनिवेश के बावजूद वह उन्हें आकर्षक रिटर्न प्रदान कर सकती है।

पोर्टफोलियो की अन्य कंपनियों के संबंध में प्रोसस की प्रस्तुति में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि फार्मेसी स्टार्टअप फार्मईजी को छोड़कर उसके अधिकांश निवेश इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (आईआरआर) दे रहे हैं। फार्मईजी का आईआरआर 38 प्रतिशत (ऋणात्मक) था।

Advertisement
First Published - December 2, 2024 | 10:17 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement