खुदरा निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए बॉन्ड जारी करने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) की इक्विटी में खुदरा निवेश की अनुमति देने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। ट्रस्ट के सीईओ सुरेश गोयल ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
संवाददाता सम्मेलन में गोयल ने कहा कि मौजूदा निजी सूचीबद्ध इनविट को परिवर्तित कर सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध करने को लेकर भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड के साथ बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि किस तरह का बदलाव कब करना है, इस पर विचार विमर्श चल रहा है और आने वाले वक्त में फैसला किया जाएगा।
ट्रस्ट ने 1,500 करोड़ रुपये का गैर परिवर्तनीय डिबेंचर जारी किए हैं, जिसमें निवेशक 7.9 प्रतिशत कूपन दर से न्यूनतम 10,000 रुपये निवेश कर सकते हैं, जिस पर रिटर्न 8 वें साल से मिलना शुरू होगा। प्रबंधन ने कहा कि बॉन्ड की समयावधि 25 साल से ऊपर है, जिसमें प्रभावी प्रतिफल 8.05 प्रतिशत होगा। एनसीडी में खुदरा निवेशकों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एनसीडी इश्यू ट्रस्ट द्वारा पहली बार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र के इस दृष्टिकोण के तहत किया गया है कि भारत के आम नागरिक बुनियादी ढांचे में वृद्धि का लाभ उठा सकें और उन्हें बेहतर मुनाफा मिल सके।
यह कदम अगर मूर्त रूप ले लेता है तो यह ट्रस्ट के अपने निवेशक पूल के विविधीकरण के लक्ष्य के मुताबिक होगा। इनविट पहली बार जारी होने पर इसमें कनाडा के 2 संस्थागत निवेशकों ने 6,011 करोड़ रुपये निवेश किया था। हाल की पूंजी जुटाने की कवायद में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान बोर्ड, भारतीय स्टेट बैंक, एसबीआई पेंशन फंड, एसबीआई म्युचुअल फंड, आईओसीएल इंप्लाई प्रॉविडेंट फंड, एलऐंडटी स्टाफ प्रॉविडेंट फंड, राजस्थान राज्य विद्युत कर्मचारी पेंशन फंड, टाटा एआईजी और स्टार यूनियन डाइची लाइफ इंश्योरेंस की ओर से 1,217 करोड़ रुपये निवेश हुआ है।