facebookmetapixel
रेट कट का असर! बैंकिंग, ऑटो और रियल एस्टेट शेयरों में ताबड़तोड़ खरीदारीTest Post कैश हुआ आउट ऑफ फैशन! अक्टूबर में UPI से हुआ अब तक का सबसे बड़ा लेनदेनChhattisgarh Liquor Scam: पूर्व CM भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को ED ने किया गिरफ्तारFD में निवेश का प्लान? इन 12 बैंकों में मिल रहा 8.5% तक ब्याज; जानिए जुलाई 2025 के नए TDS नियमबाबा रामदेव की कंपनी ने बाजार में मचाई हलचल, 7 दिन में 17% चढ़ा शेयर; मिल रहे हैं 2 फ्री शेयरIndian Hotels share: Q1 में 19% बढ़ा मुनाफा, शेयर 2% चढ़ा; निवेश को लेकर ब्रोकरेज की क्या है राय?Reliance ने होम अप्लायंसेस कंपनी Kelvinator को खरीदा, सौदे की रकम का खुलासा नहींITR Filing 2025: ऑनलाइन ITR-2 फॉर्म जारी, प्री-फिल्ड डेटा के साथ उपलब्ध; जानें कौन कर सकता है फाइलWipro Share Price: Q1 रिजल्ट से बाजार खुश, लेकिन ब्रोकरेज सतर्क; क्या Wipro में निवेश सही रहेगा?Air India Plane Crash: कैप्टन ने ही बंद की फ्यूल सप्लाई? वॉयस रिकॉर्डिंग से हुआ खुलासा

रुपया सर्वकालिक निम्नतम स्तर पर

Last Updated- December 11, 2022 | 5:56 PM IST

डॉलर के मुकाबले रुपया आज 0.5 प्रतिशत कमजोर होकर अपने निचले स्तर पर आ गया। डीलरों ने कहा कि कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तीव्र वृद्धि से घरेलू चालू खाते के घाटे तथा अधिक मुद्रास्फीति के संबंध में चिंता बढ़ी है। डॉलर के मुकाबले रुपया पिछले बंद भाव 78.35 की तुलना में 78.77 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान रुपया 78.86 प्रति डॉलर के नए निचले स्तर तक पहुंच गया। रुपये का पिछला निम्नतम स्तर 22 जून को रुपये का 78.39 प्रति डॉलर था।
कच्चे तेल के दाम मंगलवार को एशियाई कारोबार में करीब एक प्रतिशत बढ़ गए। इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात ने कहा था कि वह क्षमता के करीब उत्पादन कर रहा है, जिससे इस उम्मीद को झटका लगा कि वह कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने में मदद कर सकता है। रॉयटर्स ने खबर दी है कि मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 1.08 डॉलर या 0.9 प्रतिशत बढ़कर 116.17 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जिसमें पिछले सत्र की तुलना में 1.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। तेल के दामों में इस ताजा तेजी, जो इस महीने की शुरुआत में जिंस की कीमत में तीव्र गिरावट के बाद आई है, से इस बात के मद्देनजर भारत के व्यापार घाटे के संबंध में नई चिंता पैदा हो गई है कि देश ईंधन की जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक आयात करता है।
भारतीय शेयर बाजार से लगातार विदेशी निवेश के बाहर जाने की भी डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्यह्रास में कुछ भूमिका रही है। वर्ष 2022 में अब तक विदेशी निवेशकों ने 28.3 अरब डॉलर के भारतीय शेयरों की शुद्ध बिक्री की है। इसी अवधि में रुपया डॉलर के मुकाबले 5.6 प्रतिशत कमजोर हुआ है।

First Published - June 29, 2022 | 1:10 AM IST

संबंधित पोस्ट