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फिर नए निचले स्तर पर रुपया

Last Updated- December 11, 2022 | 2:55 PM IST

रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे कमजोर होकर नए निचले स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि अमेरिकी मुद्रा की ताकत ने दुनियाभर के वित्तीय बाजारों पर अपना प्रभाव बनाया। 

पूर्ववर्ती बंद भाव 80.99 के मुकाबले रुपया प्रति अमेरिकी डॉलर 81.63 के नए निचले स्तर पर बंद हुआ। सोमवार के बंद भाव पर नजर डालें तो पता चलता है कि रुपया पहली बार 81 से भी ज्यादा कमजोर हुआ है। दिन के कारोबार में इस घरेलू मुद्रा ने डॉलर के मुकाबले 81.66 का निचला स्तर छुआ। 2022 में अब तक रुपया 8.9 प्रतिशत गिर चुका है।
विश्लेषकों का मानना है कि आरबीआई ने रुपये में गिरावट का सिलसिला रोकने के लिए 1 अरब डॉलर की बिक्री की होगी।
21 सितंबर को अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दरों में 75 आधार अक तक का इजाफा किया और इसके साथ ही मार्च से कुल दर वृद्धि 300 आधार अंक तक पहुंच चुकी है। फेडरल रिजर्व ने आगे भी सख्त मौद्रिक सख्ती बरकरार रखने का संकेत दिया है। 
ऊंची ब्याज दरों के परिवेश को देखते हुए वै​श्विक फंडों ने अमेरिका पर ध्यान बढ़ाया है और डॉलर इंडेक्स सोमवार को 114.50 की 20 साल की ऊंचाई पर पहुंच गया। 2022 में अब तक 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर चुका डॉलर इंडेक्स शुक्रवार को घरेलू कारोबार के अंत में 112.12 पर था। 21 सितंबर से डॉलर के मुकाबले रुपया 2 प्रतिशत नीचे आया है और वह उभरते बाजारों में सबसे खराब प्रदर्शन करने वालों में शुमार हो गया है।
रुपया 14 अन्य उभरते बाजारों की मुद्राओं के मुकाबले ज्यादा गिरावट का ​शिकार हुआ है। 21 सितंबर से पहले रुपये ने अपने कई प्रतिस्प​र्धियों को मात दी थी, क्योंकि इस मुद्रा को आरबीआई के हस्तक्षेप की वजह से कुछ हद तक मदद मिली थी।
एएनजेड बैंक में ट्रेडिंग प्रमुख नितिन अग्रवाल ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘मेरा मानना है कि आरबीआई ने रुपये को 80 के पार जाने से रोकने की को​शिश की, लेकिन अब वै​श्विक कारकों की वजह से यह स्तर टूट गया है और बाजार यह समझने में लगा है कि आरबीआई अगले किस स्तर पर उपाय के तौर पर अपनी को​शिश तेज करेगा।’
उन्होंने कहा, ‘बाजार यह मान रहा है कि आरबीआई उसी तरह से मुद्रा प्रबंधन पर फिर से जोर देगा, जिस तरह कि उसने 77 से 79 के स्तरों के आसपास को​शिश की थी। ‘
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार के अनुसार, रुपया आगामी दिनों में 81.05-82 प्रति डॉलर के दायरे में रह सकता है।
डॉलर इंडेक्स में मजबूती का दबाव सिर्फ उभरते बाजारों की मुद्राओं पर ही नहीं ब​ल्कि ब्रिटिश पौंड पर भी पड़ा। ब्रिटिश पौंड सोमवार को गिरकर नए निचले स्तर पर पहुंच गया और इस वजह से सीएमई पर कारोबार अस्थायी तौर पर रोकने के लिए बाध्य होना पड़ा था। घरेलू शेयरों में भी गिरावट आई और सेंसेक्स तथा निफ्टी में 1.6-1.8 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। 
डीलरों का कहना है कि रुपये मे गिरावट से आयातकों ने डॉलर में खरीदारी पर जोर दिया है जिससे स्थानीय मुद्रा में कमजोरी बढ़ी है। हालांकि आरबीआई द्वारा हस्तक्षेप किए जाने से रुपये में बड़ी गिरावट का सिलसिला थम गया, लेकिन केंद्रीय बैंक अमेरिकी डॉलर की भारी मांग के मुकाबले स्थानीय मुद्रा पर पड़े दबाव को पूरी तरह दूर करने में नाकाम रहा। 
कोटक सिक्योरिटीज में करेंसी डेरिवेटिव्स ऐंड इंटरेस्ट रेट डेरिवेटिव्स के उपाध्यक्ष अनिंद्य बनर्जी ने कहा आरबीआई ने सोमवार को 1 अरब डॉलर से ज्यादा मूल्य के अमेरिकी डॉलर की बिक्री की होगी। उनका मानना है कि पिछले सप्ताह के अंत में बिक्री के संदर्भ में आरबीआई का हस्तक्षेप 3-4 अरब डॉलर पर दर्ज किया गया। बनर्जी के अनुसार, आगामी दिनों में रुपया 80.70-82 प्रति डॉलर के दायरे में रहने की संभावना है। 
आरबीआई ने फरवरी में यूक्रेन पर हमला शुरू होने के बाद से ही अमेरिकी डॉलर की बिक्री के जरिये रुपये को मजबूत बनाए रखने की को​शिश की है। 

First Published - September 26, 2022 | 10:28 PM IST

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