विश्लेषकों ने कहा, रुपये की कमजोरी आरबीआई पर 50 आधार अंक बढ़ोतरी के लिए बना रही दबाव
शुरुआती कारोबार में काफी मजबूती हासिल करने के बाद अंत में रुपये ने ज्यादातर बढ़त गंवा दी क्योंकि आयातक इस डर से लगातार डॉलर की खरीदारी करने लगे कि अमेरिकी डॉलर और मजबूत होगा। डीलरों ने यह जानकारी दी।
फेडरल रिजर्व साल 2022 की बाकी अवधि में ब्याज दरें 100 आधार अंक बढ़ा सकता है, ऐसे में ट्रेडर डॉलर के खिलाफ दांव लगाने के इच्छुक नहीं हैं, जो वैश्विक स्तर पर इस साल अब तक 20 फीसदी मजबूत हुआ है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया गुरुवार को 81.85 पर बंद हुआ, जो बुधवार को 81.94 पर बंद हुआ था।
पिछला बंद भाव डॉलर के मुकाबले रुपये का रिकॉर्ड निचला स्तर था। साल 2022 में अब तक डॉलर के मुकाबले रुपया 9.2 फीसदी टूट चुका है।कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 81.58 तक मजबूत हुआ था क्योंकि ब्रिटेन के वित्तीय बाजारों में स्थिति सुधारने के लिए बैंक ऑफ इंगलैंड के कदमों की घोषणा से डॉलर इंडेक्स में नरमी आई।
बुधवार को डॉलर इंडेक्स 112.60 पर था, जो एक दिन पहले के 114.50 के मुकाबले काफी कम है। गुरुवार को 3 बजे तक इंडेक्स 113.16 पर था। छह अहम मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की माप करने वाला डॉलर इंडेक्स साल 2022 में चढ़ा है क्योंकि फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 300 आधार अंकों का इजाफा किया है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, माह के अंत में पुनर्संतुलन, विदेशी फंडों की निकासी और आयातकों की डॉलर मांग ने रुपये की बढ़त को सीमित कर दिया।
उन्होंने कहा, अल्पावधि में डॉलर-रुपये का प्रतिरोध स्तर करीब 82.40 रहेगा जबकि समर्थन स्तर 81.30 रुपये। विश्लेषकों को लगता है कि रुपये में आई हालिया गिरावट ने भारतीय रिजर्व बैंक पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दबाव बना दिया है, जो पिछले हफ्ते से अब तक 2.3 फीसदी टूट चुका है। आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति शुक्रवार को इस बारे में घोषणा करेगी।आरबीआई ने हालांकि स्पष्ट किया है कि उसकी मौद्रिक नीति का रुख देसी महंगाई व वृद्धि की रफ्तार तय करेगा, लेकिन कुछ विश्लेषकों का कहना है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में 50 आधार अंकों का इजाफा कर सकता है।