अमेरिकी मुद्रा (currency) की तुलना में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से उबरते हुए गुरुवार को 25 पैसे चढ़कर 82.75 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। विदेशी बाजारों में अमेरिकी मुद्रा में गिरावट के कारण घरेलू मुद्रा में सुधार आया है।
कारोबारियों के अनुसार, शेयर बाजार में अंतिम घंटे में हुए कारोबार से भी रुपये को समर्थन मिला। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने रुपये में मजबूती को सीमित कर दिया।
अंतर-बैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार (Interbank forex market) में रुपया 83.05 पर कमजोर खुला और बाद में 83.29 के निचले स्तर तक चला गया। कारोबार के दौरान यह 82.72 के उच्चतम स्तर पर भी गया। अंत में रुपया गिरावट से उबरते हुए कल के बंद भाव के मुकाबले 25 पैसे मजबूत होकर 82.75 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। इससे पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 60 पैसे की गिरावट के साथ पहली बार 83 रुपये के स्तर से नीचे चला गया।
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को आंकने वाला डॉलर सूचकांक 0.17 प्रतिशत गिरकर 112.79 पर आ गया। इधर, बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) 95.71 अंक चढ़कर 59,202.90 और एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) 51.70 अंक की बढ़त के साथ 17,563.95 अंक पर बंद हुआ।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा 1.17 प्रतिशत बढ़कर 93.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक (foreign institutional investors) पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल (net sellers) रहे। उन्होंने बुधवार को 453.91 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।