अदाणी समूह और एनडीटीवी के बीच सौदे पर खींचतान शुरू हो गई है, जो अदालत में पहुंच सकती है। एनडीटीवी ने आज सुबह कहा कि उसकी प्रवर्तक इकाई आरआरपीआर होल्डिंग्स अपने शेयर विश्वप्रधान कमर्शियल (वीसीपीएल) को नहीं सौंप सकती क्योंकि भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कंपनी के संस्थापक-प्रवर्तकों प्रणव रॉय और राधिका रॉय पर प्रतिबंध लगा रखा है। ये दोनों इस साल नवंबर तक शेयर खरीद या बेच नहीं सकते। इसके बाद अदाणी समूह और एनडीटीवी कानूनी उपाय अपनाने की सोच रहे हैं।
एनडीटीवी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी जानकारी में कहा कि सेबी ने नवंबर 2020 में कंपनी के प्रवर्तकों पर शेयरों की खरीद एवं बिक्री करने पर दो साल की रोक लगा दी थी। इसलिए एनडीटीवी को शेयर अदाणी समूह के सुपुर्द करने के लिए सेबी की मंजूरी की जरूरत होगी।
अदाणी समूह और रॉय दंपती में खींचतान के बीच एनडीटीवी ने कहा कि लंबित अपील पर चल रही कार्यवाही पूरी होने से पहले ही प्रवर्तक समूह के 99.5 फीसदी शेयर हासिल करने हैं तो अदाणी को सेबी से इजाजत लेनी होगी। आरआरपीआर होल्डिंग्स के अधिग्रहण से अदाणी की कंपनियों के पास मतदान का अधिकार भी आ जाएंगे क्योंकि एनडीटीवी में प्रवर्तक इकाई के पास 29.18 फीसदी हिस्सेदारी है। एनडीटीवी ने कहा कि सेबी का प्रतिबंध 26 नवंबर, 2022 को खत्म होगा और उससे पहले शेयर नहीं दिए जा सकते। अदाणी समूह के प्रवक्ता ने इस बारे में पूछे जाने पर कोई जवाब नहीं दिया।