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आईटी, वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली से सेंसेक्स, निफ्टी में रही मामूली गिरावट

Last Updated- December 11, 2022 | 2:00 PM IST

वैश्विक शेयर बाजारों में कमजोरी के बीच वित्तीय और आईटी शेयरों में मुनाफावसूली होने से प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी शुक्रवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। इस दौरान 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 30.81 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 58,191.29 पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह एक समय 370.95 अंक यानी 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ 57,851.15 तक टूट गया था। दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी 17.15 अंक यानी 0.10 प्रतिशत टूटकर 17,314.65 पर बंद हुआ।
टाइटन ने दर्ज की सबसे अधिक बढ़त 

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, बजाज फाइनेंस और आईटीसी में खास तौर पर गिरावट दर्ज की गई। महिंद्रा एंड महिंद्रा में सर्वाधिक 1.37 प्रतिशत की गिरावट रही। दूसरी ओर टाइटन, पावर ग्रिड, एनटीपीसी, मारुति, इंडसइंड बैंक और एशियन पेंट्स में बढ़त दर्ज की गई। टाइटन ने सर्वाधिक 5.27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
लाल निशान पर बंद हुए एशियाई बाजार

 अन्य एशियाई बाजारों में सोल, तोक्यो, शंघाई और हांगकांग के बाजार लाल निशान में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में मध्य सत्र के दौरान मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिकी बाजार गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘अमेरिका में रोजगार के आंकड़े जारी होने से पहले, घरेलू बाजार ने अन्य विदेशी बाजारों की ही तरह कमजोरी का रुख दिखाया। रोजगार में अनुमान से अधिक कमी से बाजार में गिरावट आ सकती है, क्योंकि ऐसे में फेडरल रिजर्व मुद्रास्फीति को काबू में करने पर अधिक जोर देगा।’

डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर

 नायर ने कहा कि तेल निर्यातक संगठन ओपेक (OPEC) और सहयोगी देशों द्वारा आपूर्ति में कटौती की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि जारी है। दूसरी ओर फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की तीखी टिप्पणियों से डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा कि बाजारों में हालिया तेजी थम गई है और किसी भी बड़े घटनाक्रम के अभाव में उल्लेखनीय फेरबदल नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजारों, विशेषकर अमेरिका, में अब भी स्थायी सुधार के संकेत नहीं दिख रहे हैं। ऐसे में अस्थिरता बनी हुई है और प्रतिभागियों को इसी के हिसाब से रणनीति बनानी चाहिए। 

व्यापक बाजारों में बीएसई स्मॉलकैप 0.30 फीसदी और मिडकैप सूचकांक 0.15 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ। बीएसई के क्षेत्रवार सूचकांकों की बात करें तो तेल एवं गैस में 0.78 प्रतिशत, ऊर्जा में 0.72 प्रतिशत, धातु में 0.63 प्रतिशत, आईटी में 0.57 प्रतिशत और एफएमसीजी में 0.52 प्रतिशत की गिरावट आई। दूसरी ओर उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 2.13 फीसदी, दूरसंचार में 0.91 फीसदी और पूंजीगत सामान में 0.35 फीसदी की तेजी रही। इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड वायदा 0.48 फीसदी की तेजी के साथ 94.87 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गया। शेयर बाजार के अस्थायी आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों ने गुरुवार को 279.01 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की।
 

First Published - October 7, 2022 | 6:46 PM IST

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