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सेंसेक्स ने बड़े अंतर से डाउ जोन्स को पीछे छोड़ा

Last Updated- December 11, 2022 | 2:45 PM IST

अमेरिकी बेंचमार्क डाउ जोन्स सोमवार को महामारी पूर्व उच्चस्तर से नीचे फिसल गया क्योंकि बॉन्ड प्रतिफल में इजाफे के कारण निवेशकों ने इक्विटी की बिकवाली जारी रखी, लेकिन सेंसेक्स अभी भी जनवरी 2020 के उच्चस्तर से 36 फीसदी ऊपर है।
अमेरिकी इक्विटी बेंचमार्क सोमवार को 29,260.81 पर बंद हुआ, जो महामारी पूर्व 12 फरवरी, 2020 के उच्चस्तर से करीब एक फीसदी नीचे है। इसके साथ ही डाउ अब महामारी बाद के उच्चस्तर 36,799.65 से 20.5 फीसदी नीचे है, जो इस साल जनवरी में देखा गया था। यह संभावित तौर पर अमेरिकी इक्विटी बाजार को मंदी की ओर धकेल रहा है।
इक्विटी बाजार में बेंचमार्क सूचकांकों में उच्चस्तर से 20 फीसदी की गिरावट को तेजी के बाजार की समाप्ति और मंदी के बाजार की शुरुआत का संकेत माना जाता है। भारतीय इक्विटी बाजार स्थानीय मुद्रा व सतत मुद्रा के लिहाज से हालांकि तेजी के चरण में मजबूत बना हुआ है।  बेंचमार्क एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स हालिया गिरावट के बावजूद अभी भी अपने महामारी पूर्व उच्चस्तर से करीब 36.2 फीसदी ऊपर है।  इसके अलावा भारतीय इक्विटी बाजार जून के निचले स्तर से करीब 11 फीसदी ऊपर है जबकि अन्य वैश्विक बाजार कोरोना के पहले के उच्चस्तर को तोड़ चुके हैं बल्कि जून के निचले स्तर से भी नीचे आ गए हैं।
मंगलवार को बेंचमार्क सेंसेक्स 57,107.52 पर बंद हुआ, जो महामारी पूर्व 14 जनवरी 2020 के उच्चस्तर 41,952.63 अंक से 36.1 फीसदी ऊपर है। इसके अलावा सेंसेक्स अन्य वैश्विक बाजारों के मुकाबले स्थायी मुद्रा के लिहाज से उम्दा प्रदर्शन जारी रखे हुए है जबकि मौजूदा वित्त वर्ष में डॉलर के मुकाबले रुपये में तेज गिरावट आई है। 
अमेरिकी डॉलर के लिहाज से सेंसेक्स अपने महामारी पूर्व उच्चस्तर 578 डॉलर से 22.1 फीसदी ऊपर है, जो दिसंबर 2019 में देखा गया था। मंगलवार को सेंसेक्स 700 डॉलर पर बंद हुआ।  इसने भारतीय व वैश्विक बाजारों के प्रदर्शन का अंतर बढ़ा दिया है।
विश्लेषकों को हालांकि भारतीय इक्विटी बाजार को क्षति पहुंचने का डर सता रहा है, अगर वैश्विक बाजारों में बिकवाली ज्यादा समय तक जारी रहती है।
नारनोलिया सिक्योरिटीज के मुख्य निवेश अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि जून के निचले स्तर के बाद से भारतीय इक्विटी बाजार वैश्विक स्तर पर काफी अलग और वैश्विक  बिकवाली के बावजूद अपेक्षाकृत मजबूत रहा है। हालांकि अगर वैश्विक बाजार में बिकवाली जारी रहती है तो हम भारत में शेयर कीमतों में और गिरावट देख़ेंगे।
वैश्विक बिकवाली का हालांकि भारतीय इक्विटी बाजार  के कुछ हिस्से में असर दिखना शुरू हो गया है।  हालिया गिरावट के बाद बीएसई 500 इंडेक्स में शामिल करीब 20  फीसदी शेयर जनवरी 2020 के कीमत स्तर से नीचे आ गए हैं। 

First Published - September 28, 2022 | 9:40 PM IST

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