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Stock Market: दर कटौती की आस से बाजार में उल्लास, सेंसेक्स 444 अंक बढ़कर 81,442 पर बंद; निफ्टी में भी तेजी

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ढ़ने वाले शेयरों की संख्या 2,257 और गिरने वाले शेयरों की संख्या 1,725 रही। सेंसेक्स के करीब दो-तिहाई शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।

Last Updated- June 05, 2025 | 9:39 PM IST
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भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को तेजी आई। कारण कि निवेशकों ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के दर कटौती करने की उम्मीद में खरीदारी की। सेंसेक्स 444 अंक (0.5 प्रतिशत) बढ़कर 81,442 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 131 अंक (0.5 प्रतिशत) बढ़कर 24,751 पर आ गया। यह तेजी आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज में मजबूत प्रदर्शन की वजह से आई।

जेपी मॉर्गन के कीमत लक्ष्य बढ़ाने के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर में तेजी आई। आय परिदृश्य में सुधार को ध्यान में रखते हुए जेपी मॉर्गन ने इस शेयर का कीमत लक्ष्य बढ़ाया है। आरबीआई के लगातार तीसरी बार दर कटौती की संभावना बढ़ने से आईसीआईसीआई बैंक में शुक्रवार को तेजी आई। माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक के लिए कम मुद्रास्फीति के कारण आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता देने की गुंजाइश है। एचडीएफसी बैंक का शेयर 0.5 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।

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सेक्टर के लिहाज से ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील शेयर फोकस में बने रहे। इनमें पीएसयू बैंक, एनबीएफसी और ऑटो मुख्य रूप से शामिल हैं। भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की संभावना के के बीच फार्मा और हेल्थकेयर इंडेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। अमेरिकी अधिकारियों की नई दिल्ली में भी बातचीत हुई। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मंदी का संकेत है। इससे भी भारत जैसे उभरते बाजारों में धारणा को मजबूती मिली।

मोतीलाल ओसवाल फाइनैं​शियल सर्विसेज के शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘वृहद संकेतों और सेक्टोरल तेजी के बल पर बाजारों के सकारात्मक रुझान के साथ मजबूत होने की संभावना है।’

बाजार धारणा मजबूत बनी रही। चढ़ने वाले शेयरों की संख्या 2,257 और गिरने वाले शेयरों की संख्या 1,725 रही। सेंसेक्स के करीब दो-तिहाई शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इटर्नल में 4.5 फीसदी की शानदार तेजी आई और वह सूचकांक की तेजी में तीसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता रहा।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित ​मिश्र ने कहा, ‘निफ्टी ने अपने 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज को फिर से हासिल कर लिया है। आगे बढ़ने के लिए उसके लिए इस स्तर से ऊपर बने रहना जरूरी है नहीं तो मुनाफावसूली फिर शुरू हो सकती है।’ भविष्य में, वैश्विक संकेत बाजार की दिशा को प्रभावित करेंगे जिनमें अमेरिकी व्यापार वार्ता और आर्थिक रुझान मुख्य रूप से शामिल हैं।

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First Published - June 5, 2025 | 9:34 PM IST

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