facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Stock Market Wrap Up: ट्रंप टैरिफ, FIIs ने बढ़ाई चिंता, निवेशकों के डूबे ₹3 लाख करोड़; मेटल इंडेक्स 4% टूटा

Advertisement

विदेशी निवेशकों ने अप्रैल के सिर्फ 7 ट्रेडिंग सेशन में 32,122.76 करोड़ रुपये की इक्विटी निकाल ली है। इस दौरान DIIs ने 23,828.91 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी है।

Last Updated- April 11, 2025 | 5:08 PM IST
Stock Market

Stock Market Wrap Up: भारत के बेंचमार्क इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे सप्ताह (7 अप्रैल-11 अप्रैल) गिरावट में रहे। निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की व्यापार नीति में आए उतार-चढ़ाव से पैदा हुई अनिश्चितता से जूझ रहे हैं। हालांकि, ट्रंप के चीन को छोड़कर अन्य देशों पर भारी “रिस्प्रोकाल” टैरिफ पर 90 दिनों की रोक लगाने के फैसले के बाद बाजार ने सप्ताह के आखिर में ज्यादातर नुकसान की भरपाई कर ली।

एनएसई का निफ्टी-50 (Nifty-50) इंडेक्स शुक्रवार को 1.92% बढ़कर 22,828.55 पर बंद हुआ, जबकि बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) में 1.77% की बढ़त आई और यह 75,157.26 पर बंद हुआ। इसके बावजूद दोनों इंडेक्स इस सप्ताह (7 अप्रैल-11 अप्रैल) के दौरान 0.3% की गिरावट के साथ बंद हुए।

निवेशक अब भी सतर्क बने हुए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड वार और गहराता जा रहा है। चीन ने अमेरिकी आयात पर टैरिफ बढ़ाकर 125% कर दिया है। ट्रंप के चीनी वस्तुओं पर शुल्क बढ़ाकर 145% करने के फैसले के जवाब में चीन ने यह कदम उठाया है।

मेटल और रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा टूटे

इस सप्ताह सबसे ज्यादा गिरावट मेटल और रियल्टी इंडेक्स में आई। सप्ताह के दौरान 13 प्रमुख सेक्टर्स में से नौ में गिरावट रहे। इसमें रियल एस्टेट और मेटल सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट आई, जो क्रमशः 4% और 2.9% नीचे रहे। हैवीवेट फाइनेंशियल और इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) सेक्टर में क्रमशः 0.9% और 2.3% की गिरावट आई। इसमें लगातार दूसरे वीक साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई।

आईटी शेयरों में इस चिंता के चलते गिरावट आई कि ट्रेड वार की वजह से दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में मंदी आ सकती है। अमेरिका आईटी कंपनियों के लिए एक प्रमुख बाजार है। इसके अलावा ब्रोडर मिडकैप में में लगातार तीसरे हफ्ते साप्ताहिक गिरावट आई। इस हफ्ते यह 0.3% गिर गया। जबकि स्मॉलकैप में साप्ताहिक आधार पर 0.1% की वृद्धि हुई।

निवेशकों के इस सप्ताह ₹3 लाख करोड़ डूबे

बाजार में गिरावट की वजह से निवेशकों को नुकसान हुआ है। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप शुक्रवार (बाजार बंद होने के समय) 4,01,55,574 करोड़ रुपये था। यह पिछले शुक्रवार (4 अप्रैल) को बाजार बंद होने के बाद 404,09,600 करोड़ रुपये था। इस तरह निवेशकों की वेल्थ इस वीक 254,026 करोड़ रुपये घट गई।

FIIs ने अप्रैल में अब तक 32,122 करोड़ निकाले

विदेशी निवेशकों ने अप्रैल के सिर्फ 7 ट्रेडिंग सेशन में 32,122.76 करोड़ रुपये की इक्विटी निकाल ली है। जबकि इस दौरान डॉमेस्टिक इन्वेस्टर्स (DIIs) ने 23,828.91 करोड़ रुपये की इक्विटी खरीदी है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के टैरिफ वार और चीन के जवाबी कदमों के कारण वैश्विक मंदी की चिंताएं बढ़ने के चलते विदेशी निवेशक सतर्क हो गए हैं।

इस हफ्ते बाजार में प्रमुख ट्रिगर पॉइंट्स

1. वैश्विक ट्रेड वॉर बढ़ने की आशंकाओं के बीच वैश्विक बाजारों में गिरावट इस सप्ताह बाजार को प्रभावित करने वाले सबसे कारणों में एक रहा। इस वजह से सप्ताह के पहले दिन ही बाजार बड़ी गिरावट लेकर बंद हुआ था।

2. वैश्विक फंड्स द्वारा भारतीय शेयरों की खरीदारी में रिवाइवल को वैश्विक ट्रेड वॉर तनावों के चरम पर पहुंचने के बाद पलट दिया गया है। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) ने अप्रैल में अब तक 32,122.76 करोड़ रुपये निकाल लिए है।

3. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार 9 अप्रैल को नीतिगत दर रीपो रेट को 0.25% घटाकर 6.0% करने का ऐलान किया। आरबीआई ने अपनी पिछली बैठक (7 फरवरी) में रेपो रेट (Repo Rate) को 25 आधार अंक घटाकर 6.25% कर दिया था। हालांकि, इसका बाजार पर कोई बड़ा असर नहीं दिखा क्योंकी इसके कम होने की पहले से ही उम्मीद लगाई जा रही थी।

Advertisement
First Published - April 11, 2025 | 5:08 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement