Swiggy Stock Price: ऑनलाइन फूड डिलीवर करने वाली कंपनी स्विग्गी के शेयर बुधवार को शुरूआती कारोबार में 5% तक फिसल गए। बीएसई (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर 5% गिरकर क्रमश: 515.95 रुपये और 516.50 रुपये पर आ गया।
शेयरों में गिरावट के साथ स्विग्गी का मार्केट कैप भी बीएसई पर गिरकर 1.16 लाख करोड़ रुपये रह गया। एंकर निवेशकों के लिए एक महीने की लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली के चलते स्विग्गी का शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही है।
लॉक-इन समाप्ति के बाद स्विगी के लगभग 6.5 करोड़ शेयर या कंपनी में 3 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी ट्रेड के लिए एलिजिबल हो गई। इससे निवेशकों के लिए आगे बढ़ने और अपनी 50 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने के दरवाजे खुल गए। एंकर निवेशकों के अधिकार वाले शेष 50 प्रतिशत शेयरों की लॉक-इन अवधि 9 फरवरी को समाप्त हो रही है।
सुबह के कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 98.71 अंक या 0.12 प्रतिशत बढ़कर 81,608.76 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 45.65 अंक या 0.19 प्रतिशत बढ़कर 24,655.70 पर पहुंच गया।
हाल के महीनों में क्विक कॉमर्स कारोबार में तेज प्रसार को देखते हुए ई-कॉमर्स दिग्गज एमेजॉन ने भी इस क्षेत्र में उतरने का निर्णय किया है। इस खबर के बाद बुधवार (11 दिसंबर) को स्विग्गी और जोमाटो दोनों के शेयरों में गिरावट देखने को मिली। बता दें कि क्विक कॉमर्स सेगमेंट में स्विग्गी के समर्थन वाली इंस्टमार्ट और जोमाटो समर्थित ज़ेप्टो (Zepto) मुख्य कंपनियां है।
एमेजॉन के प्रमुख सम्मेलन ‘संवाद’ से इतर एमेजॉन इंडिया ने 15-मिनट में सामान की डिलिवरी करने की सेवा शुरू करने की योजना का खुलासा किया। एमेजान इंडिया के कंट्री हेड समीर कुमार ने कहा कि कंपनी इस महीने बेंगलूरु में इसे एक्सपेरिमेंट के तौर पर शुरू करेगी। हालांकि उन्होंने क्विक कॉमर्स योजना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी।
कुमार ने बिज़नेस स्टैंडर्ड से बातचीत में कहा, ‘क्विक कॉमर्स में हमारा ध्यान सबसे तेजी के साथ विभिन्न वस्तुओं की आपूर्ति करने की है। हमने 42,000 से ज्यादा विक्रेताओं से ऑर्डर के दिन या उसके अगले दिन करीब 3 करोड़ से ज्यादा उत्पादों की आपूर्ति की है। भारत में बहुत कुछ ऐसा है जहां हम अभी तक नहीं पहुंचे हैं। हम बड़े शहरों में क्विक कॉमर्स की बात करते हैं मगर हमें देश के अन्य हिस्सों के बारे में भी सोचना चाहिए।’
इसके अलावा एंकर निवेशकों के लिए एक महीने की लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद मुनाफावसूली के चलते भी स्विग्गी के शेयरों में गिरावट आई है।
पिछले महीने स्विगी का आईपीओ एक्सचेंजों पर करीब 17 फीसदी प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ था। स्विगी के 11,327 करोड़ रुपये के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को बोली के लास्ट डे पूरी तरह से सब्सक्राइब किया गया था और यह इश्यू को 3.59 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।