facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

ट्रंप की इंपोर्ट ड्यूटी का भारतीय बाजार पर असर, रुपया और शेयर बाजार गिरे

Advertisement

रुपया लुढ़क कर 87 प्रति डॉलर के पार पहुंच गया।

Last Updated- February 04, 2025 | 6:37 AM IST
US Tariffs on India
US President Donald Trump

कनाडा और मेक्सिको पर 25 फीसदी आयात शुल्क और चीन से आयात होने वाली वस्तुओं पर अतिरिक्त 10 फीसदी शुल्क लगाने के अमेरिका की घोषणा का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा। भारतीय बाजार में आज रुपये एवं शेयर मार्केट में गिरावट दर्ज की गई।

रुपया लुढ़क कर 87 प्रति डॉलर के पार पहुंच गया। मुद्रा बाजार में भारी उठापटक को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने हस्तक्षेप किया जिससे रुपये ने कुछ नुकसान की भरपाई की मगर कारोबार की समाप्ति पर यह डॉलर के मुकाबले 0.7 फीसदी गिरावट के साथ 87.19 पर बंद हुआ।

बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी करीब आधा-आधा फीसदी नुकसान में रहे। हालांकि वैश्विक बाजारों की तुलना में देसी शेयर बाजार में गिरावट अपेक्षाकृत कम रही। प्रमुख वैश्विक बाजारों में करीब 2 फीसदी की गिरावट आई है। अमेरिका द्वारा शुल्क लगाए जाने से व्यापार युद्ध शुरू होने के डर से ताइवान, इंडोनेशिया, थाईलैंड और दक्षिण कोरिया की मुद्रा का प्रदर्शन ज्यादा खराब रहा। डॉलर सूचकांक 1.35 फीसदी चढ़कर 109.83 पर पहुंच गया।

कारोबार के दौरान सेंसक्स और निफ्टी 1-1 फीसदी नीचे आ गया था। सेंसेक्स 76,756 के निचले स्तर को छूने के बाद 319 अंक गिरकर 77,187 पर बंद हुआ। निफ्टी 121 अंक के नुकसान के साथ 23,361 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप में 2.1 फीसदी और मिडकैप में 0.93 फीसदी की गिरावट आई।

डॉलर के मुकाबले रुपये में 13 जनवरी के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट आई है। चालू वित्त वर्ष में अभी तक रुपया 4.34 फीसदी नरम पड़ चुका है। इस साल यह1.81 फीसदी कमजोर हुआ है। महज 15 कारोबारी सत्र में रुपया 86 से लुढ़क कर 87 के पार पहुंच गया। 85 से गिरकर 86 प्रति डॉलर आने में 46 कारोबारी सत्र लगे थे। बजट में पूंजीगत खर्च ज्यादा नहीं बढ़ाए जाने के कारण रेल और सड़क बुनियादी ढांचा से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में ज्यादा गिरावट आई। लार्सन ऐंड टुब्रो 4.6 फीसदी गिरा और दो दिन में यह 7 फीसदी टूट चुका है।

उपभोक्ता वस्तु कंपनियों के शेयरों में भी नरमी देखी गई और निफ्टी एफएमसीजी 1.7 फीसदी गिरावट पर बंद हुआ। दुनिया के सबसे बड़े धातु उत्पादक देश चीन पर ट्रंप प्रशासन द्वारा 10 फीसदी अतिरिक्त आयात शुल्क लगाने की घोषणा से धातु शेयरों में भी नरमी आई।

बाजार के भागीदारों ने कहा कि आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति द्वारा रीपो दर में कटौती की उम्मीद से भी रुपये पर दबाव बढ़ा है। अगर शुक्रवार को रीपो दर में कटौती होती है तो रुपया 87.50 प्रति डॉलर तक लुढ़क सकता है।

एक सरकारी बैंक के ट्रेजरी प्रमुख ने कहा, ‘ट्रंप द्वारा शुल्क बढ़ाए जाने से रुपये में नरमी आई है और रीपो दर में कटौती की उम्मीद से भी उस पर दबाव बना हुआ है। यही वजह है कि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर पड़ रहा है।’

उन्होंने कहा, ‘बजट में खपत मांग को बढ़ावा देने के उपाय कर परोक्ष तरीके से दर कटौती का संकेत दिया गया है। रुपये की तेज गिरावट को देखते हुए आरबीआई ने डॉलर बाजार में डॉलर की बिकवाली जिससे रुपया 87.25 प्रति डॉलर से नीचे आया। मुझे लगता है कि 2 से 3 अरब डॉलर की बेचे गए होंगे। अगर रीपो दर में कटौती होती है तो रुपया 87.50 प्रति डॉलर पर पहुंच सकता है।’

इसकी उम्मीद की जा रही है कि मौद्रिक नीति समिति करीब 5 साल बाद रीपो दर में 25 आधार अंक की कटौती कर सकती है।

Advertisement
First Published - February 4, 2025 | 6:37 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement